शाहजहांपुर। मुरादाबाद डिवीजन के डीआरएम अजय नंदन ने बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर दो स्थित पुराने पार्सल घर में कबाड़ देख नाराजगी जताई और पंद्रह दिन में उसे हटवाने के निर्देश दिए। इस बीच अधिकारी पार्सल एक-दूसरे के अंडर में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे डीआरएम अजय नंदन व मंडलीय कार्यालय मुरादाबाद के अन्य अधिकारियों की स्पेशल ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर रुकी। इससे उतरकर डीआरएम और सभी मंडलीय अधिकारी पीलीभीत लाइन की ओर पहुंचे। यहां टिकट विंडो और स्टेशन पर सफाई व्यवस्था को देखा। फिर प्लेटफार्म नंबर एक पर आए। यहां स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, स्टेशन मास्टर, सीएमआई, सीएचआई ऑफिस, पार्सल, प्रतीक्षालय का निरीक्षण किया। सभी कार्यालयों में अभिलेखों की जांच की। उन्होंने दर्ज शिकायतों के निस्तारण के संबंध में भी पूछा। फर्नीचर को बदलवाने और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
डीआरएम स्टेशन की सेकेंड एंट्री मालगोदाम की ओर भी गए। निर्माणाधीन नाला और सड़क कार्य पर ठेकेदार को निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। डीआरएम फुट ओवरब्रिज से दो नंबर प्लेटफार्म पहुंचे और पुराने पार्सल को देखकर ठिठक गए। पार्सल घर में 20 साल से पड़ा कबाड़ देखकर पूछा कि उसकी जिम्मेदारी किसके पास है? तब आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के अधिकारी इसे एक-दूसरे के अंडर में होने की बात कहते नजर आए। बताया कि आरपीएफ ने पार्सल को जीआरपी के हवाले कर दिया था। जीआरपी ने पार्सल उनके पास होने से इन्कार कर दिया। डीआरएम ने 15 दिन में पार्सल घर को कबाड़ मुक्त करने के निर्देश दिए। डीआरएम ने एसएस के बारे में जानकारी ली, जो स्टेशन मास्टर के कमरे में ड्यूटी कर रहे थे।
किचन को हटाने का निर्देश भी दिया
सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने स्टेशन स्थित किचन का निरीक्षण किया। किचन की स्थिति देखकर इसको हटाने और एचआई दफ्तर व पुस्तकालय के बीच बनाने का निर्देश दिया गया। बंद पीसीओ में स्पेस को देखा और नापजोख कराई। करीब 12 बजे तक निरीक्षण के बाद वह अपनी स्पेशल ट्रेन में बैठ गए। उन्हें रोजा जाना था, लेकिन बंथरा गए और वहां से मुरादाबाद लौट गए।