बिजलीपुरा स्थित बंका घाट पर नदी में जाता नाले का गंदा पानी। संवाद
शाहजहांपुर। बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे निपटने के लिए नगर निगम की ओर से ड्रेनेज सिस्टम प्लान तैयार किया गया है। इसकी लागत छह करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जिसमें से तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई। जल्द ही शहर के नालों और गलियों का सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके बाद ड्रेनेज प्लान पर काम शुरू किया जाएगा।
शहर में नालों का निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से नहीं किया गया। इस वजह से थोड़ी सी बारिश होने पर शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। नालों की चौड़ाई और ढलान पर काम नहीं किया गया है। आबादी के हिसाब से नालों का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं कराया गया है। नाले और सड़क की ऊंचाई का भी ध्यान नहीं रखा गया है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के इंजीनियर शहर में बने सभी नालों और गलियों का सर्वे करेंगे। जलभराव की स्थिति का अध्ययन करेंगे। जनसंख्या के हिसाब से नालों की चौड़ाई और गहराई का मानक तय करेंगे। जहां जलभराव की स्थिति बनती हैं। वहां पर नालों की ढलान को ठीक किया जाएगा। नाले के लेवल को मिलाया जाएगा। इसके आधार पर ही नालों का निर्माण और मरम्मत की जाएगी। शहरवासियों को अगले बारिश में जलभराव की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। यह परियोजना एक वर्ष में तैयार हो जाएगी।
बारिश में शहर में होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। शासन को इसका छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें से तीन करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा।
आशीष त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता निर्माण, नगर नगर निगम
बिजलीपुरा स्थित बंका घाट पर नदी में जाता नाले का गंदा पानी। संवाद