शहर के और भी हिस्सों में है नाली-मार्ग पर कब्जा
गर्रा और खन्नौत नदी के बीच बसे शाहजहांपुर शहर के व्यस्ततम रिहायशी इलाकों और बाजारों में सरकारी नाली, नाले और मार्ग पर अतिक्रमण नहीं बल्कि पूरी तरह अवैध कब्जा कर नाली और मार्ग का वजूद तक मिटाने की जीवंत दास्तान एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में मौजूद है। कुछ स्थानों पर तो मुख्य सड़क के बगल की साइड लेन कुछ दूरी के बाद गायब है और उसके किनारे की सरकारी नाली भी पाटकर गुम कर दी गई है। सभी प्रमुख मोहल्लों और बाजारों में सड़कें तो हैं लेकिन फुटपाथ विलुप्त हो चुके हैं। टाउनहाल से रोडवेज और कचहरी रोड को जाने वाले रेलवे ओवरब्रिज रोड के ढलान पर दाहिने ओर नीचे से गुजर रही साइड लेन कुछ दूरी के बाद गायब है। वहां एक होटल वाले ने अपनी दीवार ख़ड़ी कर ली और सरकारी नाले को पाटकर उससे सटे साइड लेन वाले भूभाग को कब्जा लिया। नगरपालिका अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के तक संज्ञान में यह पूरा प्रकरण है लेकिन अभी तक हुआ कुछ नहीं। शहर के मालखाना रोड से घंटाघर को जाने वाले मार्ग सरकारी नाला पुलिया तक ही दिखता है और उसके आगे दुकानों के तल में नाले का वजूद ही गुम है। चौक क्षेत्र में भी यही हाल है जहां दुकानों और मकानों के सामने वाले हिस्से के नीचे सरकारी नाली कहां गुम है, यहां रहने वाले भी नहीं बता पाते। चार खंबा, केरूगंज, रोशन गंज और गर्रा फाटक को जाने वाले मार्ग पर भी सरकारी नाले, नालियां और फुटपाथ तक अवैध कब्जे में मौके से नदारद हैं। ़डीएम विजय किरन आनंद के ऐसे अवैध कब्जे वालों का चालान काटकर कार्रवाई करने संबंधी जारी निर्देश के बाद अब नगरपालिका प्रशासन इस हफ्ते शहर में अवैध कब्जों का चिन्हांकन शुरू करा रहा है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी मुनेंद्र सिंह राठौर के अनुसार, चिन्हांकन के बाद अवैध कब्जेदारों से सरकारी भूभाग को मुक्त कराने का काम शुरू होगा।