घटतौली के विरुद्ध छेड़े गए अभियान के तहत विधिक माप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को शहर में तीन मिठाई प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों को मिठाई के साथ डिब्बे तौलकर ग्राहकों को देते पकड़ लिया। यही नहीं, दो दुकानों से ड्राईफ्रूट्स के ऐसे पैकेट जब्त किए जिन पर खुदरा मूल्य दर्ज मिला, लेकिन वजन अंकित नहीं पाया गया। संबंधित मिठाई विक्रेताओं का चालान काटकर उन्हें जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया गया है।
छापे के दौरान अधिकारियों ने टाउनहाल स्थित आर्य मिष्ठान्न भंडार, वहीं के वृंदा स्वीट्स और मशीनरी मार्केट के लक्ष्मणजी प्रतिष्ठान को निशाने पर लिया। आर्य मिष्ठान भंडार पर छापा के दौरान मौजूद मिले दो ग्राहकों से मिठाई के डिब्बे लेकर उनका वजन कराया गया। अधिकारियों ने पाया कि एक डिब्बे में 88 ग्राम काजू बरफी और दूसरे में 75 ग्राम पेड़ा कम है। जांच से पता चला कि सेल्समैन ने ग्राहकों को जो मिठाई तौलकर दी, उसके डिब्बों का वजन भी मिठाई की कीमत में जोड़ दिया गया था।
वृंदा स्वीट्स पर छापेमारी के दौरान ड्राईफ्रूट्स के ऐसे पैकेट मिले जिन पर वजन दर्ज नहीं मिला। बहादुरगंज के ज्ञान ट्रेडर्स से पैक करके मार्केट में उतारे गए ड्राईफ्रूट्स के पैकेट पर एमआरपी लिखी पाई गई, लेकिन वजन का उल्लेख नहीं किया जाना घटतौली माना गया। वरिष्ठ निरीक्षक मिश्रा के अनुसार लक्ष्मणजी प्रतिष्ठान के संचालकों ने ड्राईफ्रूट्स की खुद की पैकिंग की है, लेकिन उन्होंने ग्राहकों से कीमत वसूलने के लिए सिर्फ एमआरपी डाली, वजन अंकित नहीं किया।
एक किलो ड्राईफ्रूट्स पैक मेें 350 ग्राम गत्ता
ड्राईफ्रूट्स की एक किलो वाली जो पैकिंग आप खरीद रहे हैं, उसमें 350 से 400 ग्राम तक पैकिंग का वजन भी शामिल होता है। विधिक माप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि ड्राईफ्रू्ट्स के डिब्बों का वजन कराने पर पता चला कि उपभोक्ताओं को एक किलो ड्राईफ्रूट्स के साथ 37 से 40 प्रतिशत वजनी गत्ते का डिब्बा थमाया जा रहा है। नियमत: डिब्बे का लागत मूल्य अलग से लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि तीनों दुकानदारों को नोटिस जारी कर उनके जवाब पर जुर्माना राशि का निर्धारण किया जाएगा। बाजार में ड्राईफ्रूट्स सप्लाई करने वाले ज्ञान ट्रेडर्स के संचालक को भी नोटिस दिया जा रहा है।