त्यौहारी सीजन में घटतौली का बाजार गरमाने लगा है। विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम के साथ शहर समेत पुवायां में कई स्थानों पर छापेमारी करके घटतौली पकड़ी। पुवायां में एक फर्म पर जांच के दौरान डबल ईगल ब्रांड सरसों पीपा की पैकिंग कम वजन की मिली। इस मामले में फर्म संचालक द्वारा जांच में बाधा डालने के प्रयास को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। कई किराना और सब्जी विक्रेताओं का चालान किया गया है।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने बुधवार सुबह पुवायां में मंडी रोड स्थित तेल कारोबारी फर्म रतन ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा। वहां डबल ईगल ब्रांड के 15 किलो पैकिंग दर्शाने वाले सरसों तेल के दर्जनों पीपों का स्टॉॅक जमा मिला। तौल कराने पर पीपे का वजन 14 किलो 400 ग्राम पाया गया। मौके पर मौजूद फर्म संचालक ने न तो पीपा जब्त करने दिया और न ही स्टॉक की जांच में सहयोग किया। फर्म संचालक ने नाम भी नहीं बताया, लेकिन जानकारी करने पर पता चला कि फर्म पुवायां के एक सपा नेता के भाई की है। अधिकारी ने बताया कि जांच में असहयोग और बाधा डालने पर फर्म के बिक्री लाइसेेंस पर निरीक्षण आख्या अंकित की गई है। साथ ही वेट एंड मेजरमेंट एक्ट की धारा 28 व 48 के तहत सीजेएम कोर्ट में मुकदमा कराने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। शहर में निगोही रोड पर किराना व्यवसायी हनीफ की दुकान पर जांच टीम ने कमला पसंद ब्रांड सोयाबीन रिफाइंड ऑयल की 500 मिली की बोतल में 430 ग्राम तेल पाया। पैकिंग पर किलो में वजन भी अंकित नहीं मिला। माप विज्ञान अधिकारी के अनुसार हनीफ आदि से पता चला है कि रामगंज के घरों में कुछ लोग खाद्य वस्तुओं की पैकिंग कर रहे हैं। डीएम को भेजी रिपोर्ट में इस तथ्य का भी उल्लेख किया जा रहा है।
तौल मशीन और बांट विक्रेता कर चोरी में लिप्त
पुवायां के बड़ागांव स्थित कार्तिक सक्सेना के प्रतिष्ठान साक्षी स्वीट्स पर मिठाई का खाली डब्बा 100 ग्राम का मिला, लेकिन मिठाई तौलने पर 150 ग्राम कम निकली। निगोही रोड गदियाना चुंगी के सब्जी विक्रेता विकास और हनीफ के कांटा-बांट भी गड़बड़ मिले। टीम को पता चला कि शहर का एक बांट विक्रेता अमानक श्रेणी की एमटेक मशीन की बिक्री कर रहा है। इस मशीन का न तो बिल निकाला जा रहा है और न ही विभाग से सत्यापन कराने की जरूरत समझी गई।
घटतौली के सभी मामलों में कम से कम दस हजार रुपये जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा रही है। जांच में असहयोग करने वाले तेल कारोबारी पर 50 हजार रुपये जुर्माना किया जा रहा है और कोर्ट में आरोप सिद्ध होने पर कारोबारी को छह माह जेल में बिताने पड़ेंगे-विजय मिश्रा, विधिक माप विज्ञान अधिकारी