लोक अदालत से छूटे सबसे ज्यादा बंदी
जिला कारागार में एक महीने में चार बार लोक अदालत लगवाई गई जहां पर छोटे अपराधों में निरुद्ध बंदियों के केसों की सुनवाई हुई। लोक अदालत के जरिये कई बंदियाें को रिहा कराया गया। वहीं बड़े अपराधों में लंबे समय से जेल में निरुद्ध 12 बंदियों को शासन ने रिहा कर दिया। इसमें अधिकतर आजीवन कारावास के बंदी थे। इनके लिए डीएम-एसपी से पैरवी कर अनुमति कराकर शासन को पत्र भिजवाया गया था।
जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि जिला कारागार में वर्तमान में 1275 बंदी निरुद्ध हैं। एक साल में करीब चार सौ बंदियों को पैरवी, जुर्माने की धनराशि आदि जमा कराकर रिहा कराया गया।