शाहजहांपुर। मामूली शारीरिक परेशानी को भी नजरअंदाज न करें। समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को छिपाने के बजाय मां और डॉक्टर से खुलकर साझा करें। ये बातें स्वास्थ्य विभाग के अरबन क्षेत्र के प्रभारी डॉ. हर्षित यादव ने सोमवार को बहादुरगंज स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कहीं।
उन्होंने छात्राओं को बारिश के मौसम में संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि इस मौसम में स्वच्छता और खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाहर का भोजन और फास्ट फूड खाने से बचें, क्योंकि इससे पाचन तंत्र सहित शरीर के अन्य अंग प्रभावित होते हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरों से बचें और आसपास साफ-सफाई रखें। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण को जरूरी बताते हुए कहा कि इसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर ध्यान न दें। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाव करता है।
उन्होंने छात्राओं को देर रात तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और प्रतिदिन नाश्ता करके ही विद्यालय आने की सलाह दी। कहा कि खाली पेट रहने से कमजोरी के साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान छात्राओं को अखबार पढ़ना क्यों जरूरी है और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के पत्रक बांटे गए। करीब 80 छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य अनुपमा मौर्य, सरिता गुप्ता, माधवी मिश्रा, गुरविंदर कौर, नीलम दीक्षित, वीणा पांडेय आदि उपस्थित रहीं।
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छात्राओं के सवाल, डॉक्टर के जवाब
प्रश्न : संचारी रोग फैलने के मुख्य कारण क्या हैं? (सुनैना, कक्षा 10)
उत्तर: गंदगी और मच्छरों के कारण संचारी रोग फैलते हैं। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं, इसलिए स्वच्छता और मच्छरों से बचाव जरूरी है।
प्रश्न : सुबह नाश्ता किए बिना स्कूल आने से क्या नुकसान होता है? (पूजा, कक्षा 11)
उत्तर : खाली पेट स्कूल आने से शरीर में कमजोरी आती है, एकाग्रता प्रभावित होती है और बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए पौष्टिक नाश्ता करके ही घर से निकलें।