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सुरक्षा संसाधनों के बगैर गांव में गंदगी से जूझ रहे कोरोना योद्धा

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शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण के दौर में स्वच्छता को खास अहमियत दी जा रही है। इस कारण सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं हैं। मगर इनकी सुरक्षा के साथ अनदेखी की जा रही है। जिले की 1077 ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायती राज विभाग के करीब दो हजार सफाई कर्मचारियों को शासन के निर्देशानुसार सुरक्षा किट देने के बजाय सिर्फ मास्क देकर उनसे काम लिया जा रहा है। इससे न सिर्फ इन पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है बल्कि जिन क्षेत्रों में ये लोग काम कर रहे हैं, वहां भी खतरा हो सकता है।
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देश में कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर सफाई कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसकेएफडीसी) और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने विस्तृत गाइड लाइन जारी की है। इसमें सफाई कर्मचारियों को तय सुरक्षा मानकों के तहत उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच पर बल दिया गया है। साथ ही हिदायत दी गई है कि कोरोना प्रभावित क्षेत्र में कोई भी सफाई कर्मचारी सुरक्षा किट के बगैर ड्यूटी को नहीं भेजा जाए और उन्हें पीपीई किट के साथ मास्क, दस्ताने, जैकेट, जूते, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराएं। यही नहीं, गांवों में सफाई व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए प्रदेश के प्रमुख सचिव (पंचायती राज) मनोज कुमार सिंह ने भी 19 मार्च को सभी डीएम एवं डीपीआरओ को सर्कुलर जारी कर ग्राम पंचायतों के सफाई कर्मचारियों को कोविड-19 से बचाने के लिए मास्क, सैनिटाइजर समेत स्वच्छता किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
डेढ़ माह बाद भी आदेश पर अमल नहीं
यह आदेश जारी हुए करीब डेढ़ माह बीत चुका है। गांवों में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन उन्हें संक्रमण से सुरक्षा के नाम पर मास्क के अलावा कुछ नहीं मिला। इसके अलावा ये कर्मचारी दस्ताने, जैकेट, जूते, सैनिटाइजर को भी तरस रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि स्वच्छता किट की मांग करने पर उन्हें तबादला और निलंबन की चेतावनी देकर चुप कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में सफाई कर्मचारियों के संगठन भी उनकी आवाज उठाने के बजाय खामोश बने हुए हैं।
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यूपी के प्रयागराज, कौशांबी, हरदोई, सीतापुर, कानपुर आदि कई जनपदों मेें स्वच्छता किट के अभाव में जहरीले कीटनाशक का छिड़काव करने से सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन देकर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा के संसाधन मुहैया कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन विभाग स्तर से इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
- विकास चंद्रा, प्रदेश अध्यक्ष, महादलित परिसंघ
जिले की 1077 ग्राम पंचायतों मेें आबादी के अनुपात में 2183 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। शासन और पंचायती राज निदेशालय ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को मास्क और हाथ धोने के लिए दो साबुन देने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक सफाई कर्मचारी को दोबारा इस्तेमाल योग्य दोहरे मास्क और दो-दो साबुन दिए जा चुके हैं और दस्ताने उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। सफाई कर्मचारियों की नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जांच भी कराई जा रही है।
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- पवन कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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