कुपोषण की पहचान करने के लिए छह वर्ष तक के बच्चों की तोल के साथ ही लंबाई मापने के लिए शुरू किए गए अभियान से खिलवाड़ किया जा रहा है। कुपोषण का पता लगाने के लिए लंबाई के मानक भी तय हैं, इसमें एक-एक इंच मायने रखता है, मगर किसी टेलर की तरह शरीर पर फीता रखकर नाप ली जा रही है। राज्य पोषण मिशन के इस अभियान की प्रगति जांचने के लिए डीएम शुभ्रा सक्सेना सोमवार को वाजिदखेल के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं तो यह पोल खुली। डीएम ने आंगनबाड़ी सहायिका के साथ ही सुपरवाइजर को भी फटकारा, क्योंकि उन्हीं की जिम्मेदारी यह बताने की थी कि कैसे नाप करना है। साथ ही बुधवार से पूरे जिले में क्रास चेकिंग के आदेश दिए हैं।
तीन दिवसीय अभियान के दूसरे दिन सोमवार को डीएम वाजिदखेल के केंद्र पर पहुंची थीं। वहां डीएम को बच्चों की नाप-जोख का काम होता तो मिला, लेकिन ऊंचाई की माप सही तरीकेसे नहीं किए जाने पर उन्हें गड़बड़ी का संदेह हुआ। दरअसल, लंबाई नापने के लिए मेजरमेंट फीते (इंचटेप) से दीवार पर स्केल बनाकर वहां बच्चों को खड़ा करके उनकी ऊंचाई नापने के निर्देश दिए गए थे। इसके विपरीत डीएम ने पाया कि बच्चों आंगन के बीच खड़ा करके शरीर पर ही टेलर की तरह उनकी लंबाई नापी जा रही है।
नाप-जोख का सही तरीका नहीं अपनाए जाने पर डीएम ने अपने सामने कई बच्चों की लंबाई की माप कराई तो उसमें कुछ अंतर मिला। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए केंद्र की सहायिका और सुपरवाइजर को दो दिन में नाप लेने की सही विधि नहीं अपनाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण से यह भी पता चला कि केंद्र पर पंजीकृत 53 बच्चों की तुलना में उनकी उपस्थिति कम है। पूछे जाने पर आंगनबाड़ी कर्मचारी और सहायिका ने बताया कि सर्दी की वजह से बच्चे कम आए हैं। इस पर डीएम ने सभी बच्चे रोजाना घरों से बुलाने के निर्देश दिए। इस दौरान नोडल अफसर वंदना त्रिवेदी, तहसीलदार सदर आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सीएमओ कार्यालय में आज
दिया जाएगा प्रशिक्षण
कुपोषित बच्चों के सर्वे में लंबाई की माप करने में किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में नगर समेत ददरौल, भावलखेड़ा और कांट परियोजना से जुड़ीं आंगनबाड़ी कर्मचारियों, सहायिकाओं, सुपरवाइजरों और एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दरअसल, वाजिदखेल केंद्र के निरीक्षण में लंबाई की माप सही तरीक से नहीं लिए जाने पर डीएम ने सीएमओ को प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए।
सुपरवाइजर स्तर से
होगी दोबारा जांच
बच्चों की माप-तोल को तीन दिवसीय सर्वे पूरा होने के बाद बुधवार से बाल विकास परियोजना की सभी सुपरवाइजर केंद्र वार क्रॉस चेकिंग करेंगी। राज्य पोषण मिशन की नोडल अफसर वंदना त्रिवेदी के अनुसार अभी तक कुपोषण की जांच वजन लेकर होती रही, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि लंबाई बढ़ते वक्त भी बच्चे दुबले हो जाते हैं, लेकिन उन्हें कुपोषित नहीं माना जा सकता। इसलिए डब्ल्यूएचओ के सुझाव पर लंबाई मापने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को स्केल वाले फीते उपलब्ध करा दिए गए हैं।