डीएम शुभ्रा सक्सेना ने अनटाइड फंड की धनराशि खर्च नहीं किए जाने पर निगोही सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर डॉ. आरएस वर्मा का वेतन रोक दिया। जिला स्वास्थ्य समिति की सोमवार को हुई बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आने पर डीएम ने अन्य प्रभारी डॉक्टरों को भी काम में सुधार नहीं करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
अनटाइड फंड के तहत दी जाने वाली दस हजार रुपये की धनराशि एएनएम और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में रहती है। डीएम ने यह धनराशि स्वास्थ्य विभाग के उपकेंद्रों की मरम्मत और प्रसव में काम आने वाले तौलिया, साबुन आदि सामान की खरीद पर व्यय करने के निर्देश दिए। समीक्षा से पता चला कि रकम खर्च नहीं हुई तो डीएम का पारा चढ़ गया। नतीजे में डॉ. वर्मा का वेतन रोकने का निर्देश दे दिया।
हालांकि, सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव का कहना है कि अनटाइड फंड खर्च करने की जिम्मेदारी एएनएम और ग्राम प्रधान की है। प्रभारी डॉक्टर का दोष केवल इतना रहा कि वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इसी मौके पर डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान में लापरवाही प्रमाणित होने पर महिला अस्पताल की सीएमएस को जमकर लताड़ लगाई। डीएम ने कहा कि जिम्मेदारियों के निर्वाह में लापरवाही सहन नहीं होगी।
उन्होंने सभी प्रभारी डॉक्टरों को निर्देश दिया कि बुधवार को पोषण मिशन के तहत अफसरों द्वारा गोद लिए 116 गांवों में जाकर वहां के एएनएम सेंटर पर बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। नवागत सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मिशन की कामयाबी के लिए डॉक्टरों का कार्य के प्रति समर्पण भाव दिखना चाहिए। सीएमओ डॉ. यादव ने अस्पताल वार कार्यों की प्रगति का ब्यौरा दिया।