कोटेदारों द्वारा राशन के वितरण में हो रहे गोलमाल को लेकर नवागत डीएम रामगणेश की सख्ती के चलते सोमवार से राशन वितरण के सत्यापन के लिए जहां अमीनों और पंचायत सचिवों की फौज को लगाया गया है। वहीं, तहसील व जिला स्तरीय अधिकारियों को भी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंप कर पूरा वितरण वास्तविक रूप से करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसडीएम उदभव त्रिपाठी का कहना है कि वास्तविक रूप से राशन का वितरण न करके काला बाजारी का खेल खेलने वाले कोटेदार या तो लाइन पर आकर वास्तविक वितरण करेंगे या फिर उनकी जगह जेल के सीखचों के पीछे होगी। गड़बड़ी मिलने पर कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। प्रशासन की सख्ती को देखते हुये कोटेदारों में हड़कंप मच गया है।