शाहजहांपुर। घने कोहरे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम होने की वजह से अति शीत दिवस बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि सब्जियों में मुख्य रूप से टमाटर, मिर्च की फसल में रोग लगने लगा है।
इसका फैलाव सफेद मक्खी व हापर कीट के माध्यम से होता है। इसके फैलाव की रोकथाम के लिए फिप्रोनिल पांच प्रतिशत एससी या इमिडाक्लोप्रिड (17.8 प्रतिशत) एसएल 0.5 मिली को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। आलू की फसल में झुलसा रोग की रोकथाम के लिए मैन्कोजेब, प्रोपिनेब, कार्बेडाजिन युक्त फफूंदनाशी की 2.0-2.5 किग्रा मात्रा 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
जिन खेतों में बीमारी का प्रकोप हो चुका है, उनमें किसी भी फफूंदनाशक सायमोक्सेनिल 8 प्रतिशत मैन्कोजेब 64 प्रतिशत डब्ल्यूपी का 2-2.5 किग्रा मात्रा 1000 लीटर पानी में घोलकर 16-16 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। गोभीवर्गीय फसलों में डायमंड बैक मौथ का प्रकोप होने पर क्लोरेन्टशनिलिप्रोल 0.5-1 मिली रसायन प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। संवाद