पिछली बार रबी सीजन मे बेहतर उत्पादकता और बंपर पैदावार के बावजूद गेहूं की
सरकारी खरीद लक्ष्य के सापेक्ष केवल 11.17 फीसदी हो पाई थी। इस बार बेमौसम
की बरसात से फसल की बर्बादी के साथ उत्पादकता में भारी गिरावट आई है।
दूसरी ओर क्रय केंद्रों पर खरीद एजेंसियों की मनमानी से किसान परेशान हैं।
ऐसे में गेहूं की खरीद लक्ष्य से काफी पिछड़ने की आशंका है और वह भी तब, जब
शासन ने खरीद लक्ष्य कम कर दिया है।
सरकार भी मानती है कि इस बार फसल
बर्बाद होने से इसका असर सरकारी खरीद पर पड़ेगा। इसीलिए चालू सीजन में शासन
से जिले को एक लाख 80 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लख्य मिला जो कि
पिछले साल की तुलना में 44 हजार मीट्रिक टन कम है। गेहूं की सरकारी खरीद का
लक्ष्य पूरा करने के लिए इस वर्ष क्रय केंद्र बढ़ाकर 155 किए गए और सहकारी
समितियों को भी खरीद से जोड़ा गया।
इसके बावजूद अभी तक क्रय केंद्रों
पर 32274 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका जबकि मंडियों में गेहूं की आवक तीन
गुनी हो चुकी है। खरीद व्यवस्था से जुड़े अधिकारी इसके लिए फसल की
बर्बादी, गेहूं में नमी की अधिकता, किसानों में जागरूकता की कमी आदि कई
कारण गिनाते हैं, लेकिन भूले से भी क्रय केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं
का जिक्र नहीं करते।
हकीकत यही है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर जाने
वाले किसानों को अक्सर वहां के प्रभारी और तौल कर्मचारी नहीं मिलते। गेहूं
लेते समय फसल में तमाम कमियां इस तरह गिनाई जाती हैं मानों उसे खरीद कर
किसानों पर अहसान किया जा रहा हो। यही नहीं, किसानों को गेहूं बेचनें के
बाद तत्काल चेक मिलने की भी कोई गारंटी नहीं होती। इन्हीं कमियों के चलते
अधिसंख्य किसान समर्थन मूल्य से 100-50 रुपये कम लेकर अपना गेहूं गल्ला
आढ़तियों के हवाले कर रहे हैं।
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क्रय एजेंसी वार गेहूं की खरीद: एक नजर
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क्रय एजेंसी खरीदा गया गेहूं मीट्रिक टन
0 मार्केटिंग विभाग 2632
0 मार्केटिंग कमीशन एजेंट 3691
0 पीसीएफ 9985
0 यूपी एग्रो 2292
0 यूपीएसएस 4018
0 सहकारी समितियां 6935
0 एफसीआई 1558
0 एसएससी 860
0 कर्मचारी कल्याण निगम 602
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भंडारण की समस्या को लेकर शासन से पत्राचार
गेहूं
की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाने के बावजूद उसके भंडारण की समस्या अभी से
सिर उठाने लगी है। इसीलिए जमौर और बनतारा के गोदामों के बाहर ट्रकों की
लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। उप संभागीय विपणन अधिकारी कौशल देव भी
मानते हैं कि सेंट्रल वेयर हाउस में गेहूं रखने को जगह कम पड़ रही है।
दूसरी ओर प्राइवेट गोदाम मालिक सरकारी गेहूं के भंडारण से कन्नी काट रहे
हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजकर निजी गोदामों का
उपयोग किए जाने के बारे में दिशा निर्देश मांगे गए हैं।
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एसडीएम ने गेहूं से भरा ट्रक पकड़ा
छापामार कार्रवाई से गेहूं माफियाआें में हड़कंप
तिलहर।
शुक्रवार को तिलहर मंडी में कर्मचारियों और केंद्र प्रभारियों पर सख्ती
करने के बाद एसडीएम वंदना त्रिवेदी गेहूं खरीद के नाम पर हो रहे खेल पर
ब्रेक लगाने के लिए फुल फार्म में आ गईं। शुक्रवार को उन्होंने मंडी में शत
प्रतिशत नीलामी कराने, गेट पास 9आर, 6आर विधिवत काटने और मंडी से रात के
अंधेरे में निकलने वाले ट्रकों पर रोक लगाने के लिए लेखपालों को रोज सुबह
शाम वीडियोग्राफी करने और गाड़ियों की सूची देने पर ड्यूटी लगाई थी। इससे
गेहूं माफियाओं में हड़कंप मच गया था। शुक्रवार देर रात लगभग 11 बजे कटरा
में हाईवे पर गेहूं से भरे एक ट्रक को एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने पकड़ लिया।
कागज न दिखा पाने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ट्रक कटरा निवासी सुमित
गुप्ता का बताया जाता है। इसमें बिना कागज लगभग 250 क्विंटल गेहूं ले जाया
जा रहा था।
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क्रय केंद्र की शिकायत एसडीएम से करें
एसडीएम
वंदना त्रिवेदी ने कहा है कि अगर कहीं क्रय केंद्र बंद होता है, किसानों
से अवैध वसूली की जाती है या गेहूं खरीद में आना कानी के अतिरिक्त कोई
समस्या होती है तो किसान सीधे एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं।