शाहजहांपुर। वर्तमान समय में डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के चलते पक्षाघात के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मरीजों को जल्द से जल्द सही इलाज मिलने की जरूरत होती है। अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में शनिवार शाम आयोजित व्याख्यान में एम्स, दिल्ली से आए न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुमित सिंह ने यह बात कही।
डॉ. सुमित सिंह ने कहा कि चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नपन, बोलने में कठिनाई, आंखों की रोशनी में परेशानी, चक्कर आना, सिरदर्द और चलने में दिक्कत स्ट्रोक के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को शीघ्र नजदीकी अस्पताल में ले जाकर एमआरआई जांच करानी चाहिए। समय रहते इलाज से स्थिति को काबू में लाया जा सकता है।
मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश श्रीवास्तव ने यूरोलॉजी विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यूरोलॉजी पेशाब की प्रणाली, पुरुष प्रजनन तंत्र, प्रोस्टेट और किडनी से संबंधित बीमारियों के उपचार से जुड़ी चिकित्सा शाखा है।
उन्होंने कहा कि पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, खून आना, पेशाब में रुकावट, कमर दर्द, अंडकोष में सूजन और यौन कमजोरी जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय रहते यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज न करने पर ये समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं।
मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने डॉक्टरों को मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियों का आयोजन नियमित रूप से होना चाहिए।
डॉ. सोमशेखर दीक्षित के प्रयासों से आयोजित व्याख्यान में भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह, एसपी राजेश द्विवेदी, सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।