शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद कहने को मंगलवार से आरंभ हो गई, लेकिन जिन एजेंसियों को क्रय केंद्र एलाट किए गए, उनमें से कई ने अभी तक मंडियों में अपने सेंटर नहीं खोले हैं। इस वर्ष 3.60 लाख टन धान की जिले में खरीद होनी है, लेकिन क्रय केंद्र सिर्फ 113 आवंटित हुए हैं, जबकि गत वर्ष 171 केंद्रों पर धान खरीद हुई थी। पहले दिन मंडियों में बहुत कम धान पहुंचा, लेकिन जो किसान अपनी उपज लेकर आए, केंद्र प्रभारियों ने उसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक बताकर उसे सुखाए बगैर तौल कराने से इनकार कर दिया। इस कारण किसानों को गल्ला आढ़तियों को समर्थन मूल्य से कम दर पर धान देना पड़ा।
रोजा। स्थानीय मंडी में पहले दिन करीब छह हजार कुंटल धान की आवक हुई, लेकिन उसमें नमी ज्यादा होने से सरकारी सेंटरों पर उसकी खरीद नहीं हुई। मंडी परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 12 सेंटर खुलने हैं। इनमें से आरएफसी के चार सेंटर खुल गए, लेकिन खरीद नहीं होने से उन पर सन्नाटा पसरा रहा। मंडी सचिव नवीन कोहली के अनुसार शासन ने समर्थन मूल्य पर 17 प्रतिशत नमी तक धान खरीदने की अनुमति दी है, लेकिन आढ़तों पर जिस धान की बिकवाली हुई, उसमें नमी 22 से 25 प्रतिशत तक पाई गई। उन्होंने बताया कि मंडी मेें आठ अन्य सेंटर अगले 24 घंटे तक खुल जाएंगे।
पुवायां। मंडी परिसर में विभिन्न क्रय एजेंसियों को स्वीकृत सभी सात सेंटर खुल गए हैं। उनके बैनर लगने के साथ तौल कांटे, बारदाना, तिरपाल आदि सामान भी पहुंच गया है, लेकिन न सिर्फ क्रय केंद्रों बल्कि मंडी की आढ़तों पर धान की आवक शून्य रही। मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार का कहना है कि अभी धान में नमी की मात्रा अधिक है, लेकिन दिन में बादल छाए रहने और धूप कम निकलने से किसान अपनी उपज को सुखा भी नहीं पा रहे हैं। उन्होंने अगले कुछ दिन में मौसम साफ होने पर धान की खरीद शुरू होने की उम्मीद जताई है।
तिलहर। सरकारी धान खरीद के पहले दिन मंडी स्थल पर मात्र दो क्रय केंद्र नजर आए, लेकिन एक केंद्र प्रभारी गैरहाजिर मिले। अपरान्ह तीन बजे मंडी जाने पर आरएफसी के दो सेंटर दिखे। आरएफसी द्वितीय केंद्र पर मौजूद प्रभारी तैयब खान बोले कि आज कोई किसान धान लेकर नहीं पहुंचा। पास में ही आरएफसी प्रथम क्रय केंद्र के प्रभारी सौरव श्रीवास्तव की कुर्सी मेज पड़ी थी, लेकिन सेंटर इंचार्ज नहीं मिले। उनके केंद्र का शटर भी बंद था। एसडीएम मोइन उल इस्लाम के अनुसार अभी जिला मुख्यालय से मंडी और तहसीलों के क्रय केंद्रों की सूची प्राप्त नहीं हुई है।
धान में नमी नियत मानक से अधिक होने के कारण पहले दिन सरकारी खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर आवक ही नहीं हो सकी। इस बीच, 21 नए क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए गए। अब क्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 134 हो गई है। गत वर्ष 171 सेंटर खोले गए थे, लेकिन इतने क्रय केंद्रों की जरूरत नहीं होने से उनकी संख्या घटाने का निर्णय किया गया है।
-अमर पाल सिंह, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी, धान खरीद