शाहजहांपुर। तेल टंकी स्थित श्री गुरुनानक आश्रम गुरुद्वारा कुटिया साहिब में संत बाबा सुखदेव सिंह की 43वीं पुण्यतिथि पर आयोजित महासमागम श्रद्धा से मनाया गया। संगत ने गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के सामने कतारबद्ध होकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन महिला संगत की ओर से आयोजित सुखमनी साहिब के पाठों का समापन हुआ। सभागार में गुरुग्रंथ साहिब की पालकी को फूलों से सजाया गया। दूर-दराज से आई संगत ने कतारबद्ध होकर मत्था टेककर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
कुटिया साहिब में लगे संत सुखदेव सिंह जी के चित्र के समक्ष संगत ने शीश नवाया। ज्ञानी गुरदीप सिंह ने संत बाबा सुखदेव सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि संत का जन्म 18 जनवरी 1924 को लायलपुर वर्तमान में पाकिस्तान में हुआ था।
उन्होंने शाहजहांपुर आकर सर्वप्रथम अमरनाथजी की बगिया में एक छोटी सी कुटिया बनाकर प्रवचन से संगत को निहाल किया। कुटिया साहिब की स्थापना के उपरांत उन्होंने लंगर को 24 घंटे कर दिया। कथावाचक रागी विंदर सिंह एवं डाडी जत्थे के मनवीर सिंह ने गुरुओं का जनकल्याण का संदेश सुनाया।
लुधियाना से आए सुखवंत सिंह ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इस मौके पर संस्था के संरक्षक राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष नवनीत कौर, हरभजन सिंह पृथी, अरविंदर सिंह, जसवीर सिंह, पूरन सिंह, परमवीर सिंह, हरनाम सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
राज्यसभा सांसद ने गुरुद्वारे में शीश नवाया
शाहजहांपुर। राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर शीश नवाया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रसाद भी ग्रहण किया। गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने सांसद का अंग वस्त्र पहनाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में संत प्रीतम सिंह, गुरु नानक देव, बाबा अमर सिंह, दिलबाग सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
गुरुद्वारा कुटिया साहिब में सबद कीर्तन करता रागी जत्था। संवाद
गुरुद्वारा कुटिया साहिब में सबद कीर्तन करता रागी जत्था। संवाद