शाहजहांपुर। गुरुद्वारा कुटिया साहिब के संस्थापक संत बाबा सुखदेव सिंह की 40वीं बरसी शनिवार को मनाई गई। बड़ी संख्या में संगत ने कुटिया साहिब पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका। रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
पिछले तीन दिन से कुटिया साहिब में संत बाबा सुखदेव सिंह की बरसी पर समागम चल रहा था। शनिवार को महाराज की बरसी के दिन सुबह से ही संगत कुटिया साहिब पहुंचने लगी। दरबार हाल में रागी जत्था अमनदीप सिंह और उनके साथी शबद कीर्तन द्वारा संगत को निहाल करते रहे। उन्होंने कहा कि संत बाबा सुखदेव सिंह ने अपना जीवन मानव कल्याण में लगाया। क्षेत्र में मांस-मदिरा से लोगों को मुक्त कराया और उन्हें मानव सेवा के लिए प्रेरित किया।
गुरुद्वारा में संगत के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी। इसमें दो अलग-अलग हॉल में महिला एवं पुरुष कारसेवकों ने संगत को लंगर चखाया। इस मौके पर प्रबंध सीमित के संरक्षक राजेंद्र सिंह, मुख्य सेवादार नवनीत कौर, हरभजन सिंह पृथी, जसबीर सिंह, अरविंदर सिंह, परमवीर सिंह, मंजीत सिंह, सोनू विर्क, गुरविंदर, कोमल बग्गा, हरविंदर सिंह, योगेंद्र सिंह, मंजीत सिंह, गुरदीप सिंह, गुरवचन सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में हरदोई, पीलीभीत, बरेली, लखीमपुर, दिल्ली, पंजाब आदि स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचे थे।