जनपदवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। वह यह कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने हनुमतधाम को पर्यटन स्थल घोषित कर दिया है। साथ ही दोहरी खुशी की बात यह भी है कि हनुमतधाम से अहमदपुर रेती तक पुल निर्माण की भी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। पुल निर्माण के लिए 25 प्रतिशत धन भी अवमुक्त किया जा चुका है।
गौरतलब है कि नगर विधायक सुरेश खन्ना ने अपने आराध्य पवनपुत्र हनुमान जी की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण विसरात घाट स्थित खन्नौत नदी के बीच में कराया है। मूर्ति निर्माण के लिए चार मई 2003 को शिलान्यास कराया गया था और 16 जुलाई 2013 को दिव्य प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस तरह प्रतिमा के निर्माण में दस साल से भी अधिक समय लगा। मूर्ति का निर्माण राजस्थान के मूर्तिकार वीरेंद्र शेखावत ने किया था। हनुमान जी की यह प्रतिमा 104 फुट ऊंची है और जिस कृत्रिम पहाड़ी पर इसका निर्माण किया गया है, वह 25 फिट ऊंची है। पहाड़ी के नीचे मंदिर निर्मित किया गया है। विशालकाय प्रतिमा का लोकार्पण हरिद्वार के भारत माता मंदिर के स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने किया था।
पर्यटन निदेशालय से हनुमतधाम को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद विधायक खन्ना ने कहा कि यह हनुमान जी की ही कृपा है, जिस कारण उनके प्रयासों को सफलता मिली। रेती-हनुमतधाम पुल का निर्माण शीघ्र ही उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम शुरू कर देगा, जबकि दोनों ओर एप्रोच मार्ग का दायित्व लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है। यह पुल ग्रीन वैली कांवेंट के समीप से विसरात घाट स्थित पंचवटी तक होगा। इस तरह विधायक सुरेश खन्ना का एक सपना और पूरा हुआ है।