सिर्फ 97 वोटों से जीत गए थे क्रांतिकारी देवनारायण भारतीय
-72, 417 वोटों से सबसे बड़ी जीत का इतिहास भाजपा के चेतराम के नाम दर्ज
आशीष त्रिपाठी
शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव में एक-एक वोट का कितना महत्व होता है, यह वही उम्मीदवार जानता है जो महज मामूली अंतर से मात खा जाता है। शाहजहांपुर की विधानसभा सीटों पर कई बार ऐसे मुकाबले हुए जब पांच सौ से भी कम वोट हार-जीत का कारण बने। अंतिम राउंड तक की गिनती में साफ नहीं हो सका कि जीत का ताज कौन पहनेगा? सबसे कम वोटों से जीत क्रांतिकारी देवनारायण भारतीय की हुई थी जो अपने प्रतिद्वंद्वी से केवल 97 वोटों से जीत हासिल कर सके थे। इतिहास की सबसे बड़ी जीत भाजपा उम्मीदवार चेतराम की हुई।
1952 में हुए सबसे पहले विधानसभा चुनाव की बात करें तो सबसे करीबी मुकाबला तिलहर दक्षिण सीट पर हुआ। कांग्रेस के प्रत्याशी भगवान सहाय उर्फ तिन्नू बाबू को 10891 मत मिले जबकि प्रतिद्वंद्वी रूम सिंह को 9888 मत प्राप्त हुए। रूम सिंह 1003 वोटों से हार गए।
1957 के विधानसभा चुुनाव में लगभग सभी सात सीटों पर रोमांचक मुकाबले हुए। जमौर सीट पर पीएसपी के प्रत्याशी देवनारायण भारतीय को 8160 मत हासिल हुए। दूसरे स्थान पर निर्दलीय रामविलास सिंह रहे जिन्हें 8063 मत मिले। हार का फासला महज 97 वोट था। खेड़ा बझेड़ा सीट पर रोचक मुकाबला हुआ। पीएसपी प्रत्याशी रूम सिंह 10117 वोट पाकर जीते। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र विक्रम सिंह थे जिन्हें 9922 मत मिले। 195 वोट से सुरेंद्र विक्रम सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा।
1989 में हुए विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर मामूली अंतर से हार-जीत हुई। सबसे कम अंतर से हार तिलहर सीट पर रही। कांग्रेस से लड़ रहे सुरेंद्र विक्रम सिंह को 35566 मत मिले जबकि जनता दल से चुनाव लड़ रहे सत्यपाल सिंह यादव को 35214 वोट मिले। सत्यपाल सिंह यादव केवल 352 वोट से हार गए। 1991 के चुनाव में जलालाबाद सीट पर रोचक परिणाम देखने को मिला। जनता पार्टी के उम्मीदवार राममूर्ति सिंह वर्मा ने 26,665 मत पाए और 26228 वोट पाने वाले जनता पार्टी के उम्मीदवार उदयवीर सिंह से 437 वोट से जीत गए। इसके बाद रोचक मुकाबले 2012 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिले। नवसृजित कटरा सीट पर सपा से राजेश यादव मैदान में थे जबकि बसपा से राजीव कश्यप। राजेश यादव को 51025 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे राजीव कश्यप को भी भरपूर जनसमर्थन मिला। उन्हें 50150 वोट मिले लेकिन 875 वोट कम मिलने से जीत से दूर रह गए। जलालाबाद में बसपा प्रत्याशी नीरज कुशवाहा 76406 वोट पाकर जीत गए। दूसरे स्थान पर रहे सपा उम्मीदवार शरदवीर सिंह को 75856 वोट मिले। हार-जीत का फासला महज 550 वोट था।
सबसे अधिक वोटों से जीते चेतराम
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर होने से लगभग सारे मुकाबले एकतरफा हुए। विधानसभा चुनाव की सबसे बड़ी जीत इसी चुनाव में हुई। पुवायां सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी चेतराम को 126635 वोट मिले। दूसरे स्थान पर सपा की उम्मीदवार शकुंतला देवी 54218 वोट पाकर रहीं। चेतराम 72, 417 वोटों से जीते। संवाद