फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुवायां में केंद्रीय अधिकारियों ने देखी फसलों की बर्बादी

Wed, 08 Apr 2015 11:17 PM IST
पुवायां।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली से आए नीति आयोग के सीनियर रिसर्च ऑफीसर रामानंद के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि उप सचिव पार्थ चक्रवर्ती, लखनऊ के गन्ना विकास निदेशालय के असिस्टेंट डॉयरेक्टर सुमित मिश्रा, प्रदेश के सहायक कृषि निदेशक अशोक कुमार की टीम ने बुधवार को पुवायां के गांव उमरिया कल्यानपुर और दिउरिया गुटैया में फसलों में हुए नुकसान का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

टीम सबसे पहले गांव उमरिया कल्यानपुर पहुंची और गेहूं की फसल में हुए नुकसान को देखा। उमरिया के सुरेंद्र दीक्षित, प्रेमशंकर बाजपेयी, गांव करनापुर के सज्जाद खां, इमरान खां, हरैया के प्रभुदयाल, बिल्सिया के वीरेंद्र यादव, पर्वत सिंह यादव आदि ने टीम के सदस्यों को बताया कि बारिश और आंधी से गेहूं की फसल गिर जाने से किसान बर्बाद हो गया है। गेहूं खाने योग्य नहीं रह गया है। सेंटर पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। कंबाइन से कटाई कराने पर गिरा गेहूं जमीन से उठाना पड़ रहा है, जिस कारण एक हेक्टेयर में दो से ढाई क्विंटल मिट्टी आ रही है। इसके बाद टीम गांव दिउरिया गुटैया पहुंची। यहां किसान रामप्रताप और फूलचंद्र ने नुकसान के बारे में बताया।
इसके बाद टीम गांव तेंदुआ पहुंची और गुरुद्वारे में मत्था टेका। इसके बाद सिख फार्मरों की बैठक में नुकसान का आकलन किया गया। किसानों ने बताया कि वह लोग हर बार अपने गेहूं का बीज रख लेते थे। इस बार फसल खराब हो जाने से बीज नहीं बन पाया है। अगले वर्ष गेहूं की बुवाई के समय बीज की भरी किल्लत होगी। यहां सतवंत सिंह कुक्कू, गुरमीत सिंह, करतार सिंह, कुलवंत सिंह, जागीर सिंह, जितेंद्र सिंह, सुच्चा सिंह, दलजीत सिंह, जसपाल सिंह, जसविंदर सिंह, पपिंदर सिंह आदि ने टीम को नुकसान के बारे में बताया। इसके बाद टीम पीलीभीत के लिए रवाना हो गई। मुआयने के समय टीम के साथ एडीएम पीके श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक डॉ. आरके यादव, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अखिलानंद पांडे, एसडीएम लालबहादुर, तहसीलदार विजय यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रमनि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


किसानों ने खोली सर्वे की पोल
पुवायां। टीम के सदस्यों ने गांव उमरिया कल्यानपुर में किसानों से फसलों में हुए नुकसान के सर्वे के बारे में पूछा तो किसानों ने बताया कि लेखपाल सर्वे करने नहीं आए हैं। बुधवार को टीम आने की जानकारी पाकर लेखपाल सुबह आए थे और सर्वे की खानापूरी कर चले गए। तहसीलदार विजय यादव ने टीम के सदस्यों को बताया कि लेखपालों ने गाटा बार सर्वे किया है। इस कारण किसानों को सर्वे के बारे में जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि सर्वे की क्रास चेकिंग कराई जाएगी।

केंद्र प्रति हेक्टेयर नौ हजार और
इतना ही राज्य सरकार देगी: रामानंद
पुवायां। बारिया से खराब फसलों का निरीक्षण करने आई टीम के मुखिया नीति आयोग के सीनियर रिसर्च ऑफीसर रामानंद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि क्षेत्र में फसलों में शत प्रतिशत नुकसान हुआ है, लेकिन जो अनाज किसान को मिल जाएगा उसे देखते हुए 60 से 70 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार प्रति हेक्टेयर नौ हजार रुपये और इतना ही रुपया राज्य सरकार सहायता के तौर पर देगी। किसानों ने कहा कि नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं कर रही है, मदद कर रही है। किसानों के हित में केंद्र सरकार ने सर्वे के लिए भेजा है। बृहस्पतिवार को बरेली में मंडलायुक्त के साथ बैठक होगी और इसके बाद शासन स्तर पर बैठक की जाएगी। सभी जिलों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है और जल्द ही इसका वितरण कर दिया जाएगा।

नरई खाने से पशुओं के
बीमार होने की आशंका
पुवायां। टीम के साथ आए शाहजहांपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रमनि ने टीम के सदस्यों को बताया कि बारिश में गिरे गेहूं की नरई से तैयार भूसा खाने से पशुओं में बीमारी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पानी भरे होने के कारण नरई का काफी हिस्सा सड़ गया हैं, जिससे रोग फैल सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें