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आलू की खुदाई ने चौपट कर दी बच्चों की पढ़ाई

Fri, 13 Mar 2015 08:13 PM IST
पुवायां।
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पुवायां क्षेत्र में आलू की खुदाई ने बच्चों की पढ़ाई चौपट कर रखी है। सरकारी स्कूलों के तमाम बच्चे खेतों में आलू बीन रहे हैं। दो पैसे कमाने की चाह में गरीब परिवार अपने इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। बच्चों को स्कूल में रोकने या उन्हें स्कूल आने को प्रेरित करने वाले अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पिछले दिनों हुई बारिश से आलू की खुदाई का काम रुक गया था। मौसम विभाग की फिर से बारिश होने की चेतावनी से परेशान किसानों ने बड़े पैमाने पर आलू की खुदाई का काम शुरू करा दिया है। खेतों में खोदे गए आलू को एकत्र करने के लिए ज्यादा श्रमिकों की आवश्यकता स्कूली बच्चों से पूरी की जा रही है। इससे परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो गई है।
बच्चों को आलू बीनने के काम में लगाने का एक और बड़ा कारण है। वयस्क श्रमिक जहां दो से ढाई सौ रुपये ले रहे हैं वहीं स्कूली बच्चे डेढ़ सौ रुपये में ही काम कर रहे हैं। इस समय स्कूल न आने में बड़ी तादात लड़कियों की रहती हैं। गांव लखनापुर की कक्षा एक की छात्रा रोशनी और राजबेटी, कक्षा पांच की मनोरमा ने बताया कि पिता के कहने पर वह लोग आलू बीनने आए हैं। बड़े फार्म स्वामी बाल श्रमिकों को ट्रॉली से घर से ले जाते हैं और शाम को घर छुड़वा देते हैं। अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान न देकर आलू बिनवा रहे हैं। टीचर स्कूल में छात्र संख्या बनाए रखने के लिए अभिभावकों से संपर्क करते हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता है। यहां बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों में 16 मार्च से परीक्षा भी होनी है। आलू बीनने जा रहे बच्चे पढ़ाई कैसे करेंगे और पेपर में क्या लिखेंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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स्कूलों में चेकिंग कराई जाएगी। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने को कहा जाएगा। कुछ लोग लालचवश बच्चों को आलू बीनने भेज देते हैं।
- सुरेशपाल, बीईओ पुवायां
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