तिलहर में बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बाईपास चौराहे पर ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर जाते लो
शाहजहांपुर। कृषि कार्य में प्रयोग होने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लोग सफर कर रहे हैं। ट्रॉलियों में सवारियों को भरकर लोग वैवाहिक और धार्मिक कार्यक्रमों में जाने से बाज नहीं आ रहे। आए दिन हादसा होने के बाद भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं।
मंगलवार को बेटे का मुंडन कराकर लौटते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से तिलहर के नगरिया आजमाबाद गांव निवासी चालक अमित (25) व उनके पिता मुरली (53) की दबने से मौत हो गई थी। 36 लोग घायल हो गए थे। यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से कई लोगों की जान जा चुकी है। उसके बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं है।
बुधवार को भी लोग विवाह व अन्य कार्यक्रमों में ट्रैक्टर-ट्राॅली पर परिवार के साथ जाने से बाज नहीं आए। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ट्राॅली में भरकर आते-जाते दिखे। अहम बात यह है कि सरकार ने ट्रैक्टर-ट्राॅली पर सवारियां लेकर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं प्रशासन भी लगाम लगाने के लिए कार्रवाई नहीं कर रहा।
-चुनाव समाप्त होने के बाद नियम विरुद्ध तरीके से चलने वाले ट्रैक्टर ट्राॅलियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। लोगों को खुद भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
शांतिभूषण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
पिता-पुत्र की एक ही चिता पर हुई अंत्येष्टि
तिलहर। थाना क्षेत्र के नगरिया आजमाबाद गांव निवासी चालक अमित (25) व उनके पिता मुरली (53) का बुधवार शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमित कुमार के छह माह के इकलौते पुत्र दिलीप का मुंडन मंगलवार की शाम को कपसेड़ा गांव स्थित जानकी महाराज के मेले में हुआ था। उसमें परिवार के साथ ग्रामीण व अन्य परिचित दो ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर गए थे। लौटते समय तिलहर-निगोही मार्ग पर गांव जनयूरी के समीप रेस लगाने के फेर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई थी। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई थी।
बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम के बाद गांव ले जाया गया। जहां परिजन में चीख-पुकार मच गई। मुरली व अमित के शव का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।