शाहजहांपुर। मानवाधिकार संगठन की महिला शाखा ने जिला कारागार में निरुद्घ महिलाओं को दैनिक उपयोग की वस्तुएं दीं। इस बीच महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा के लिए महिला शिक्षक की नियुक्ति भी कराई गई।
सोमवार को हुए कार्यक्रम में संगठन की ओर से महिला बंदियों को उनके सजने-संवरने व सुहाग के प्रतीक चूड़ी, बिंदी, नेल पॉलिश, सिंदूर, कंघी, रूमाल आदि भेंट किया। कार्यक्रम में महिला बंदियों ने ईश्वरीय प्रार्थना प्रस्तुत की। महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों ने भी सामूहिक गाना गाया। अंग्रेजी वर्णमाला सुनाई। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि महिला बंदियों व उनके बच्चों की शिक्षा के लिए कारागार में बेसिक शिक्षा विभाग से एक महिला शिक्षा ध्यापक की नियुक्ति कराई। ताकि बच्चों की पढ़ाई हो सकें।
इस अवसर पर रीता गुप्ता ने महिला बंदियों के सभी बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का आश्वासन दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि जल्द ही 12 बच्चों को जेल के बाहर पब्लिक स्कूल में प्रवेश कराकर उनकी और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। नलिनी ओमर ने महिला बंदियों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया।