पिछले रबी सीजन में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से गेहूं समेत अन्य सीजनल फसलों की क्षति उठाने वाले तमाम किसानों को अभी तक मुआवजे के चेक नहीं दिए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पंचायत करके कलक्ट्रेट में शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी। बाद में संगठन का शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिला और उन्हें 22 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों की रहनुमाई का दावा करने वाली सपा सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। इसीलिए तमाम किसान एक साल से फसली नुकसान का मुआवजा पाने को भटक रहे हैं। इसके अलावा बजाज ग्रुप की मकसूदापुर चीनी मिल और रोजा शुगर वर्क्स से गन्ना मूल्य भुगतान भी नहीं मिल रहा है। महासचिव राशिराम वर्मा ने बिजली विभाग द्वारा किसानों को मनमाने तरीके से साढ़े सात हार्स पावर के ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाने पर कड़ी आपत्ति की। कहा कि इससे किसानों को बिजली बिल का अधिक भुगतान करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शन में संगठन के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बिंदु सिंह, श्याम किशोर अगिभनहोत्री, महेश वर्मा, संतोष कुमार आदि शामिल रहे।