शाहजहांपुर। गोकुलधाम कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को चौथे दिन भगवान के चरित्र का वर्णन किया गया। व्यास आचार्य योगेंद्र महाराज ने कहा कि जब धर्म की हानि होती है, असुरों का अत्याचार बढ़ता है तब भगवान अनेक रूप धारण कर अवतार लेते हैं। बताया कि आज भी कहीं असुर (राक्षस) जन्म नहीं लेते। उनकी प्रवृत्ति हमारे संस्कार और गुणों पर निर्भर करती है। इसके बाद व्यास ने रावण और कुंभकरण के जन्म का वर्णन किया। कहा कि जो लोग माता-पिता, गुरु और संत की अवहेलना करते हैं। उनकी आज्ञा नहीं मानते, वही असुर हैं। इसके बाद भगवान के जन्म का महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर डाॅ. सुरेश चंद्र मिश्र, महेश चंद्र मिश्र, अंकुर मिश्र, राकेश मिश्र आदि मौजूद रहे। संवाद