बंडा। मोहल्ला मुरादपुर में बृहस्पतिवार रात दीवार फांदकर घर में घुसे सिपाहियों को बदमाश समझकर एक महिला बेहोश हो गई थी। मोहल्ले के लोगों में सिपाहियों के प्रति रोष है। लोगों ने जांच कर सिपाहियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रात में छह सिपाही बिना वर्दी के मोहल्ला मुरादपुर के शफी के घर दीवार फांदकर घुसे थे। महिलाओं ने उन्हें चोर समझकर झाड़ू, बेलन, फूंकनी आदि से जमकर पीटा था। सिपाही भाग कर थाने चले गए थे। मोहल्ले के तमाम लोग भी थाने पहुंचे और सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की थी। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया था कि सिपाही जुआ होने की सूचना पर गए थे, लेकिन धोखे से दूसरे घर में घुस गए थे।
सवाल है कि रात में सिपाही बिना वर्दी पहने क्यों गए थे? रात में दीवार फांदकर घर में क्यों घुसे? बदमाशों के शक में कोई बड़ी घटना हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता? घर में दबिश देनी थी तो महिला पुलिस क्यों नहीं ले गए? मोहल्ले के लोगों ने एसपी से जांच कराकर सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की है।
गुनहा खमरिया में भी घुसे बिना वर्दी के घुसे थे सिपाही
गांव गुनहा खमरिया के धर्मेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 22 अगस्त को भी दो सिपाही बिना वर्दी के घर में घुस गए थे और उनके पुत्र को रुपये देकर शराब लाने को कहा था। मना करने पर सिपाही ने पुत्र को धक्का दिया था। शिकायत करने पर सिपाही नाराज हो गए। कुछ देर बाद दो अन्य सिपाही आए और उसे पकड़कर थाने ले गए। वहां उसे पीटा गया। उसे दूसरे दिन छोड़ा गया।
निजी कार से घूमते हैं पुलिस वाले
बंडा में कुछ सिपाही बिना वर्दी के ही रहते हैं और पूरे क्षेत्र में निजी कार से घूमते रहते हैं। कई बार विवाद के बाद भी थाना प्रभारी उन पर कार्रवाई कराने की जरूरत नहीं समझते हैं। शिक्षामित्र की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के कारण उनका बंडा से पलायन, थाने में भाजपा के दो नेताओं के बीच भिड़ंत सहित कई मामले चर्चा में है।
बंडा के थाना प्रभारी से पूछा गया है कि बिना महिला सिपाहियों के घर में दबिश क्यों दी गई और सिपाही बिना वर्दी के क्यों गए थे। लोगों से अच्छा व्यवहार करने को भी कहा गया है। इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। -पंकज पंत, सीओ पुवायां।