शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देने के आरोपी 12 तब्लीगी जमातियों के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने बुधवार को अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनी, लेकिन निर्णय सुरक्षित रखा। मामले में फैसले की तारीख 14 अगस्त निर्धारित की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाईलैंड निवासी हसई, सोब्री, यूसुफ, हारिश, अब्दुल रोरसा, सुराचाई, मखोशी, मारुफी, हसन मीना, तमिलनाडु निवासी हुसैन अहमद, अब्दुल सरदार एमएस और शहर के मोहल्ला दिलाजाक निवासी मसीउल्ला को थाना सदर बाजार कोतवाली पुलिस ने गत 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल भेज दिया था।
गत 18 मई को थाईलैंड निवासी नौ जमातियों की जमानत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी थी। बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन में हुई तब्लीगी जमात से लौटे जमातियों के खिलाफ थाना सदर बाजार कोतवाली पुलिस ने गत 23 जून को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रार्थना पत्र पर आपत्ति के लिए अभियोजन अधिकारी लाल साहब सिंह के तर्कों को सुनने के बाद सुनवाई के लिए अगली तिथि 21 जुलाई निर्धारित की है।
उस दिन जमातियों को आरोप मुक्त करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस के लिए अगली तारीख देने का अनुरोध किया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अगली सुनवाई तिथि 28 जुलाई निर्धारित की, लेकिन उस दिन अवकाश के कारण अदालत में मामले की पत्रावली 29 जुलाई को पेश की गई। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुधवार को सुनवाई तिथि तय की थी। उन्होंने अभियोजन के वकील समेत जमातियों के अधिवक्ता फिरासत अली खां और एजाज हसन खां की बहस सुनने के बाद फैसले की तारीख 14 अगस्त तय की है।