भावलखेड़ा (शाहजहांपुर)। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मिश्रीपुर श्मशानघाट में जी-सर्जिवियर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पर्चेजर पद पर रहे राजेंद्र प्रसाद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उनके हाथ पर घाव था। पूर्व में राजेंद्र के खिलाफ कंपनी प्रबंध तंत्र की ओर से 50 लाख रुपये गबन की रिपोर्ट रोजा थाने में कराई गई थी। परिजन ने कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक पर प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चौक कोतवाली इलाके के मोहल्ला महमंदगढ़ी निवासी राजेंद्र प्रसाद (56) जी-सर्जिवियर कंपनी, जहानगंज में पर्चेजर के पद पर 30 वर्ष से कार्यरत थे। पुत्र राहुल कुमार के मुताबिक 17 अगस्त को सुबह सवा चार बजे राजेंद्र टहलने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब काफी देर तक लौटकर नहीं आए तो उन्होंने चौक कोतवाली में घटना के संबंध में सूचना दी। शुक्रवार को थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मिश्रीपुर श्मशान घाट में पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में रस्सी से शव लटका पाया गया। उनके हाथ में कट का निशान था जिस पर पट्टी बंधी थी।
थाना रामचंद्र मिशन प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के पुत्र राहुल कुमार की ओर से जी सर्जिवियर कंपनी के प्रबंध निदेशक घनश्याम दास अग्रवाल एवं निदेशक विनम्र अग्रवाल के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। देर रात इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
50 लाख की धोखाधड़ी का दर्ज था केस
छह अगस्त को कंपनी के निदेशक विनम्र अग्रवाल ने तीन कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया था। उन्होंने मनोज गुप्ता निवासी सरायकाइयां थाना रामचंद्र मिशन, राजेंद्र प्रसाद निवासी मोहल्ला महमंद गढ़ी, नकुल सक्सेना निवासी एमएनजई जलालनगर के खिलाफ 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की एफआईआर थाना रोजा में कराई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझाई गुत्थी
राजेंद्र प्रसाद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आई है। उनके हाथ में जो कट का निशान है वह काफी गहरा है। निशान इतना गहरा है कि हड्डी तक कट गई है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में निदेशक एवं प्रबंध निदेशक को ठहराया आत्महत्या का दोषी
राजेंद्र प्रसाद की जेब से पुलिस को सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा है कि वह आत्महत्या करने जा रहे हैं। कारण यह है कि विनम्र अग्रवाल और घनश्याम अग्रवाल ने उन्हें झूठे आरोप में फंसा दिया है। घृणित कार्य नकुल सक्सेना और मनोज गुप्ता ने किया है जिसका वीडियो कैमरे में अंकित है। वह एक माह से बहुत परेशान हैं। मेरा परिवार बहुत गरीब है। मेरे पिता बहुत कमजोर और बीमार हैं।
राजेंद्र प्रसाद कंपनी में पर्चेजर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने एवं दो अन्य कर्मचारियों ने 50 लाख रुपये का गबन किया था। इस संबंध में केस भी दर्ज है। 11 जुलाई से वह ड्यूटी पर भी नहीं आ रहे थे। तब से हमारी राजेंद्र प्रसाद से न तो कोई बात हुई थी और न ही किसी तरह का दबाव बनाया गया था। - विनम्र अग्रवाल, निदेशक, जी सर्जिवियर कंपनी जहानगंज शाहजहांपुर
मृतक के बेटे की तहरीर देर शाम प्राप्त हो गई। उसके आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट को भी आधार बनाया जाएगा।- अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी