प्रशिक्षण के दौरान रविवार को बासी और खराब खाना मिलने पर आशा बहुओं ने खुटार के सरकारी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आशाओं ने बासी खाना फेंक दिया। मामला बिगड़ता देख ताजा खाना मंगवाया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
रविवार को सरकारी अस्पताल में आशा कर्मचारियों का प्रशिक्षण था। दोपहर में उन्हें खाने के पैकेट दिए गए। पैकेट खोलते ही बदबू का भभका उठने पर कर्मचारियों ने बासी और सड़ा खाना दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बासी भोजन के पैकेट भी फेंक दिए गए।
हंगामा होते देख अस्पताल स्टाफ और प्रशिक्षण दे रहे लोगों में हड़कंप मच गया। आशाओं को बमुश्किल समझा बुझाकर शांत किया गया। इसके बाद ताजा खाना मंगवाकर वितरित कराया गया। आशा कर्मचारियों का आरोप है कि भोजन के लिए आने वाले बजट का बंदरबांट कर खराब भोजन दिया जाता है। भीषण गर्मी में यदि आशाएं बासी भोजन खा लेती तो उनका बीमार होना निश्चित था। आरोप है कि एचईओ केएन मिश्रा बिना अवकाश लिए गायब हैं, जबकि प्रशिक्षण के दौरान उनका होना निश्चित था। एचईओ केएन मिश्रा ने फोन पर बताया कि पिता की तबियत अचानक खराब होने के कारण वह अस्पताल नहीं पहुंच सके।
गुटबाजी के चलते हुई समस्या
रविवार होने के कारण पूड़ी और आलू की सब्जी ही बन पाई थी। गुटबाजी होने के कारण लोगों ने आशा कर्मचारियों को भड़का दिया। एचईओ छुट्टी पर नहीं है, लेकिन उनके पिता के तबियत अचानक खराब होने के कारण उन्होंने मौखिक अवगत कराया था।
-संजीव कुमार, प्रभारी सरकारी अस्पताल खुटार