फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: दुष्कर्म के बाद बेटी ने पी लिया था जहर, दोषी पिता को उम्रकैद की सजा

Sat, 29 Nov 2025 11:23 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। तीन वर्ष पहले अपनी बेटी से दुष्कर्म करने के दोषी पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्म से आहत होकर 16 वर्षीय बेटी ने जहर पी लिया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद मां ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

खुदागंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि छह मार्च 2022 को वह अपने एक रिश्तेदार के यहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। घर में 16 वर्षीय बेटी अकेली थी। इस बीच रात में आए पिता ने शराब के नशे में बेटी के साथ मारपीट कर धमकाने के बाद दुष्कर्म किया।
पिता की हरकत से शर्मिंदा बेटी ने सिंघाड़े में डाली जाने वाली दवा पीकर आत्महत्या की कोशिश की। घर पहुंची मां ने अपने बड़े बेटे के साथ बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार होने पर बेटी ने मां को अपने पिता की शर्मनाक हरकत के बारे में जानकारी दी। यह भी बताया कि पिता पहले भी दो बार उसके साथ ऐसी हैवानियत कर चुका है।
विज्ञापन

महिला की तहरीर पर पुलिस ने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट शिवकुमार तृतीय ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

पहले भी करता रहा हैवानियत...घुटती रही बेटी
तीन वर्ष पहले पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने की घटना से सब स्तब्ध रह गए थे। तीन बार हैवानियत झेल चुकी नाबालिग ने हारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। महज पांच वर्ष की बेटी से पिता ने पहली बार दुष्कर्म किया था।
महिला के छह बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा है। पति कोई काम नहीं करता था और शराब का आदी था। आए दिन लोगों से झगड़ा करता रहता था। पूछताछ में 16 वर्षीय बेटी ने बताया था कि जब वह पांच वर्ष की थी तब उसके पिता ने उससे दुष्कर्म किया था। तब वह अबोध थी। पांच फरवरी 2022 को जब परिवार के सभी सदस्य रिश्तेदारी में गए थे, तब भी पिता ने उसके साथ हैवानियत की थी। पिता के धमकाने पर वह चुप रही और अंदर ही अंदर घुटती रही। बदनामी के डर से उसने किसी को कुछ नहीं बताया था। तीसरी बार जब उससे दुष्कर्म किया गया तो वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और अपनी जान देने की कोशिश की थी। उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद जब परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे तो पिता तैयार नहीं था। उसे डर था कि कहीं बेटी उसका भेद न खोल दे, मगर मां ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद बेटी ने मां को रो-रोकर अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में बताया। इसके बाद मां ने अपनी बच्ची को इंसाफ दिलाने की ठान ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें