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सहकारी समितियों पर आपूर्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में कम होगा डीएपी संकट

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इन्ही दुकानों में संचालित है गढिय़ा रंगीन की सहकारी समिति। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। रबी फसलों की बुआई के लिए डीएपी की मांग बढ़ने के साथ ही सरकारी तंत्र उसकी आपूर्ति कराने में जुटा है, लेकिन सहकारी समितियों और थोक विक्रेताओं को असमान वितरण से कई समितियों से लेकर खुले बाजार की दुकानों तक डीएपी की कमी बनी हुई है।
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किसानों का कहना है कि उन्हें समिति के गोदामों पर ताला पड़ा मिलता है या फिर स्टॉक निल होने की कहकर टरका दिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में समितियों के गोदामों पर खाद पहुंचाई जा रही है और थोक विक्रेताओं को भी मांग के अनुरूप डीएपी मुहैया कराई जा रही है।
विकास भवन स्थित कृषि कार्यालय में उर्वरक कंट्रोल रूम खोला गया। ओवररेटिंग रोकने के लिए जिला कृषि अधिकारी ने वितरण कराने के लिए सभी 94 फुटकर बिक्री केंद्रों पर विभाग के प्राविधिक सहायक ग्रुप सी, बीटीएम (ब्लॉक टेक्रालॉजी मैनेजर) और एटीएम (असिस्टेंट टेक्रालॉजी मैनेजर) आदि संवर्गों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी है।
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सहायक निबंधक (सहकारिता) ने भी समितियों पर यही व्यवस्था लागू करते हुए विभागीय कर्मचारी नियुक्त कर एडीओ (कोऑपरेटिव) को उनकी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। 2600 टन डीएपी की रैक दो दिन पहले मिली है, जिसका बड़ा हिस्सा समितियों को भेजा गया। गत सात दिन में 6461 टन डीएपी आ चुकी है। इसमें निजी क्षेत्र को 2749 टन और समितियों को दी गई 3712 टन डीएपी शामिल है।
समिति सचिव बीमार होने से वापस लौटा खाद का ट्रक
जैतीपुर। दो दिन पहले जौरा और शंकरपुर पिटरहाई समिति के गोदाम से डीएपी का वितरण हुआ, लेकिन अब वहां स्टॉक खत्म हो चुका है। गांव खेड़ा बझेड़ा, मरेना, गढ़िया रंगीन, सुरजूपुर और गोविंदपुर की साधन सहकारी समितियाें पर ताला पड़ा है।
शनिवार शाम खेड़ा बझेड़ा साधन सहकारी समिति पर एक ट्रक डीएपी आई, लेकिन यहां के सचिव अनिल सिंह के बीमार होने के कारण खाद नहीं उतार सकी और अधिकारियों के निर्देश पर ट्रक खुदागंज क्षेत्र की सथरापुर सहकारी समिति पर भेज दिया। किसानों का कहना है कि अधिकारी चाहते तो क्षेत्र की मरेना अथवा सुरजूपुर सहकारी समिति पर खाद भेज सकते थे।
गढ़िया रंगीन की साधन सहकारी समिति लापता
जैतीपुर। 15 हजार की आबादी वाले गांव गढ़िया रंगीन में साधन सहकारी समिति का अपना भवन नहीं है। किराये की बिल्डिंग में संचालित होने वाली समिति का स्थान भी बदल दिया है, लेकिन समिति से जुड़े अधिकांश किसानों को यह जानकारी नहीं है।
जिस भवन की दो दुकानें किराए पर ली गई हैं, वहां समिति की पहचान के लिए कोई बोर्ड भी नहीं लगाया है। एडीसीओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि गढ़िया रंगीन में समिति का भवन नहीं होने से उसे किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है।
सोमवार को जैतीपुर क्षेत्र की डभौरा सिमरा समिति से किसानों में 800 बोरी डीएपी का वितरण सोमवार से शुरू करा दिया है। खुदागंज और वहां की सथरा खुर्द समिति सहित तिलहर क्षेत्र की राजनपुर समिति पर भी आज 400-400 बोरी डीएपी भेजी गई है। जैतीपुर की अन्य समितियों पर भी डीएपी की आपूर्ति जल्द हो जाएगी।
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-डॉ. गणेश गुप्ता, सहायक निबंधक (सहकारिता)
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