रामगंगा की बाढ़ से तटबर्ती गांवों को बचाए जाने के लिए बनाए जा रहे बांध का भाकियू नेताओं ने जायजा लिया। पांच दिन में बांध निर्माण कार्य में कोई प्रगति नहीं होने पर भाकियू नेताओं ने रोष व्यक्त करते हुए डीएम से शिकायत की है। उधर, भाकियू के तेबर देख जेई मौके से खिसक गए। शुक्रवार को भाकियू तहसील अध्यक्ष उदयवीर यादव व ब्लाक अध्यक्ष बुधपाल सिंह वर्मा ने एक दर्जन से अधिक किसानों के साथ ग्राम पहाड़पुर के निकट रामगंगा के रुख को मोड़ने के लिए बनाए जा रहे बांध का जायजा लिया। भाकियू नेताओं ने सिंचाई विभाग के अफसरों पर लापरवाही और श्रमिकों की मनमानी का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया। कहा कि पांच दिन से काम जहां का तहां रुके होने की शिकायत डीएम से की है।
भाकियू नेताओं का कहना है कि नदी के रुख को मोड़ने के लिए पांच दिन पूर्व दो पाली ट्यूब मिट्टी बालू से भरकर नदी में लगाए गए थे,वहीं पर कार्य रुका हुआ है। श्रमिकों के अनुसार नदी के बहाव को रोकने के लिए 20 मीटर लंबे,तीन मीटर चौड़े और दो मीटर ऊंचे 15 पाली ट्यूब बालू और मिट्टी से भरकर लगाए जाने हैं। एक ट्यूब को मशीन से भरने में मात्र तीन घंटे का समय लगता है। भाकियू ब्लाक अध्यक्ष बुधपाल सिंह वर्मा,सुनील श्रीवास्तव,लालू कुशवाह,रामकिशोर शर्मा,मनोज कुमार,संतोष,अनूप पाल,वीरेश यादव आदि के तेबर देख कार्य स्थल से दूर छाया में बैठे जेई राजेश कुमार और अनिल कुमार मौके से खिसक गए। उधर, बाढपीड़ितों का कहना है कि सिंचाई विभाग की शिथिल कार्य प्रणाली से तटबर्ती गांव पहरुआ, हरिहरपुर, कुनिया, मौजमपुर आदि के साथ बाढ़ से बचाव के लिए आई एक करोड़ की सरकारी धनराशि भी नदी में बह जाएगी।