जिलाधिकारी और एसपी ने मेले में श्रद्धालुओं को दिया सुरक्षा और सुविधाओं का भरोसा
ढाईघाट में चल रही पांच दिवसीय कृषि विकास प्रदर्शनी का रविवार को डीएम रामगणेश ने फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर एसपी केबी सिंह, सीडीओ टीके शिबु, एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने प्रदर्शनी में किसानों का संबोधित करते हुए कहा कि अवकाश के दिन भी हम लोग श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं प्रदान करवाए जाने के लिए मेले का निरीक्षण कर रहे हैं। मेले में किसी को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं हैं।
बोले, यहां धान और गन्ने की बहुत अच्छी खेती होती है। किसानों की सुविधा के लिए यह प्रदर्शनी लगवाई गई है। किसान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए आधुनिक तरीके से खेती कर अधिक लाभ उठाएं। डीएम ने प्रदर्शनी में मौजूद किसानों से भी बातचीत की और लखीमपुर-खीरी से आए श्रद्धालुओं को मेले में सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया। बोले, मेले का आनंद ही अलग होता है। वह भी बचपन में मेले का खूब आनंद लेते थे। उन्होंने दूर- दूर से आए गंगा भक्तों को शुभकामनाएं दी।
इससे पहले डीएम ने जिले के अफसरों के साथ गंगा की गहराई की जानकारी कर बेरीकेडिंग, घाटों पर प्रकाश के लिए मरकरी लाइटें बढ़ाए जाने आदि के निर्देश दिए। एसपी केबी सिंह ने पुलिस व्यवस्था तथा वाहनों के रखरखाव की जानकारी की। उन्होंने सीओ सुधीर सिंह, एसओ धनंजय सिंह, मेला कोतवाली प्रभारी कुलदीप मिश्र को निर्देश दिए कि वह कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहें। वाहनों को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा कराएं, भीड़ को इकट्ठा न होने दें। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि प्रसार डीएस राजपूत, एसडीओ कृषि प्रसार सीजी सागर, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
मेला ढाईघाट का मुख्य पर्व कार्तिका पूर्णिमा आज
मिर्जापुर। कार्तिक मेला ढाईघाट का मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा सोमवार को है। मुख्य पर्व की पूर्व संध्या पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव ने एएमए शिशुपाल सिंह यादव के साथ मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूत में गंगास्नान की कामना से जिले के अलावा खीरी, पीलीभीत, हरदोई, फर्रूखाबाद बदायूं आदि से हजारों श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से गंगातट की ओर दौड़े चले आ रहे हैं। जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रालियों का रेला नहीं टूट रहा है। उम्मीद है कि मुख्य पर्व पर लगभग डेढ लाख श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।