मेला प्रबंधन अधिकारियों की व्यवस्था में व्यस्त
नहीं बने सार्वजनिक शौचाल्य और मूत्रालय
ढाईघाट के कार्तिक मेले में शुक्रवार को तीसरे दिन बाजार पूरी तरह सज गया है। जिला पंचायत प्रशासन अधिकारियों और नेताओं के आवास-प्रवास के लिए वीआईपी टेंट लगाकर शहर जैसी सुविधायें देने की तैयारी कर रहा है।
मेले में दुकानदारों ने बताया कि दुकानें तो सजा लीं हैं, लेकिन बिक्री मेले के मुख्य पर्व और मेले से वापसी के समय ही होती है। इस समय दुकानों पर दिन भर में दो चार खरीददार ही पहुंच रहे हैं। मेले में आये श्रद्धालु गंगास्नान के बाद रेत के ढेर पर खिलवाड़ करते हुए पिकनिक सा आनंद ले रहे हैं।
जिला पंचायत प्रशासन मेले में जिलाधिकारी, एसपी, उपजिलाधिकारी, सीओ, अध्यक्ष जिला पंचायत, अपर मुख्य अधिकारी आदि के लिए वीआईपी टेंट लगाने में जुटा हुआ है। अधिकारियों और नेताओं के आवास-प्रवास की व्यवस्था में लगे पंचायत प्रशासन ने अभी तक श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण नहीं करवाया है जिससे शासन- प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद भी मेला ओडीएफ नहीं हो सका है।
डीएम का कार्यक्रम निरस्त होने से गायब हुए कृषि प्रदर्शनी के अधिकारी
मिर्जापुर। डीएम के कार्यक्रम के तहत मेले मे चल रही इस प्रदर्शनी मे खेती किसानी, पशु पालन, स्वच्छता, उद्यान आदि विभागों के स्टाल आकर्षक ढंग से सजाये गए थे। तभी अचानक जिलाधिकारी के आने का कार्यक्रम निरस्त हो गया जिससे स्टाल सजाए बैठे अधिकांश अधिकारी कर्मचारी भी स्टाल में सजा सामान समेटकर चले गये।
सर्दी के मौसम में देर से गन्ना, गेहूं, मसूर के साथ ही सब्जी आदि की खेती से संबंधी जानकारी के लिए देर से आये किसान प्रदर्शनी का पंडाल खाली देखकर वापस चले गये। इस प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले किसानों को लंच पैकेट नि:शुल्क मुहैया करवाये जाने की व्यवस्था है। किसानों के लिए सरकार की इस लाभकारी योजना की लापरवाह नौकरशाही ने हवा निकाल दी जिससे किसानों में रोष देखा गया।