जिले की पहचान ढाईघाट के सुप्रसिद्ध कार्तिक, माघ और दशहरा मेले फर्रूखाबाद जिले का हिस्सा बन सकते हैं। गंगातट पर लगने वाले यह मेले फर्रूखाबाद के भू-भाग में लग रहे हैं। क्राइम के मामले में शाहजहांपुर तथा राजस्व में फर्रूखाबाद में आने वाले आधा दर्जन गांवों को पूर्णरूपेण फर्रूखाबाद में शामिल किए जाने की तैयारी शासन स्तर पर शुरू हो गई है। इस मामले में थाना मिर्जापुर से रिपोर्ट मांगी गई है।
गंगा के खादर में बसे गांव शरीफपुर छिछनी, मंझा, गुटैटी दक्षिण, चौंराहार, भगवानपुर आदि गांव क्राइम के मामले में शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में आते हैं जबकि राजस्व के मामले में यह गांव फर्रूखाबाद की कायमगंज तहसील के शमशाबाद ब्लाक का हिस्सा हैं। इन गांवों के मतदाता फर्रूखाबाद के लोकसभा, विधानसभा, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा प्रधानों का चुनाव करते हैं जबकि इन गांवों में कोई अपराध होने पर रिपोर्ट मिर्जापुर थाने में दर्ज होने के बाद मुकदमा शाहजहांपुर के न्यायालय में चलता है।
बता दें कि अब तक फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर जिलों की सीमा बनी गंगा नदी पर पुल नहीं था इसलिए आजादी के बाद से ही गंगा नदी के इस तरफ के उक्त गांवों में क्राइम कंट्रोल के लिए शाहजहांपुर में रखा गया था जबकि राजस्व के मामले में फर्रूखाबाद में ही रहे। अब गंगा नदीं पर पक्के पुल का निर्माण हो रहा है। इस पुल के चालू हो जाने से इन गांवों की दूरी फर्रूखाबाद के थाना व ब्लाक शमशाबाद से बमुश्किल पांच-छह किमी ही रह जाएगी। शायद इसीलिए शासन की मंशा मिर्जापुर थाना क्षेत्र के उक्त गांव फर्रूखाबाद में शामिल करने की है। थाना क्षेत्र के उक्त गांव और भू-भाग फर्रूखाबाद में हो जाने से ढाईघाट पर लगने वाले सुप्रसिद्ध गंगा मेलों पर भी जिला पंचायत फर्रूखाबाद का दावा मजबूत हो जायेगा। इसके लिए फर्रूखाबाद जिला पंचायत प्रशासन काफी समय से प्रयासरत है।