शहर में रविवार को दधिकांधौ शोभायात्रा बैंड बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक हर्षोल्लास से निकाली गईं। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण देव स्वरूपों की सजीव झांकियां रहीं। शोभा यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
लोहारों का चौराहा स्थित श्री मनोकामेश्वर मंदिर समिति की ओर से निकाली गई शोभा यात्रा में सबसे आगे धार्मिक धुनें बजाती बैंड वादकों की टोली चली। पीछे डीजे पर श्रद्घालु युवा-किशोर भजनों पर थिरकते हुए आगे बढ़े। उनके पीछे भगवान शंकर-पार्वती, माता-पिता की कांवड़ उठाए भक्त श्रवण कुमार, दुर्गा जी, नरसिंह-हिरणाकश्यप, देवकी-वासुदेव, विष्णु भगवान और अंत में बग्घी पर विराजमान राधा-कृष्ण की झांकियां रहीं।
शोभा यात्रा मंदिर समिति के प्रमुख पदुम प्रकाश अवस्थी, राजेश अवस्थी, नरेश चंद्र मौर्य, पुजारी अशोक शर्मा, सुभाष मिश्रा, ओपी सिंह, किशन, सर्वेश्वर दयाल तिवारी आदि के नेतृत्व में मदराखेल, विश्वकर्मा चौक, कनौजिया तिराहा आदि मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर में विसर्जित हुई। व्यवस्था में राकेश शर्मा, आशुतोष आर्य, विवेक मिश्र, रामगोपाल कंचन, बीएन शर्मा, संदीप गुप्ता, रविंद्र शर्मा, सोनी शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, पप्पू शर्मा, शनि राठौर, गौरव शुक्ला, सुमित शर्मा आदि का सहयोग रहा।