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धान खरीद घोटाले की लखनऊ में चर्चा, शाहजहांपुर में खलबली

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पुवायां। धान खरीद घोटाले को लेकर शनिवार को लखनऊ में अधिकारियों के बीच बैठक हुई। मामला लीक होकर शाहजहांपुर के घोटालेबाजों के बीच पहुंचा तो खलबली मची है। बड़ी कार्रवाई के डर से घोटालेबाजों ने शनिवार को एक स्थान पर बैठक बुलाई थी, लेकिन लोग एकत्र नहीं हो सके। अब सोमवार को बैठक कर कार्रवाई से बचाव के तरीके तलाशे जाएंगे।
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पुवायां तहसील सहित जिले में अन्य कई सेंटरों पर धान खरीद में घोटाला किया गया है। शिकायतें शासन तक पहुंची तो लखनऊ से अधिकारियों में मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद डिप्टी आरएमओ ने पुवायां, बंडा सहित पांच थानों में पांच सेंटर प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। दर्ज रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि धान खरीद का भुगतान कई संदिग्ध बैंक खातों में किया गया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस को अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी है, जिस कारण विवेचना अभी आगे नहीं बढ़ पाई है।
अमर उजाला धान खरीद घोटाले में खबरें प्रकाशित कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक घोटाले को प्रमुखता से उठाने पर मामले का लखनऊ में बैठे बड़े अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। शनिवार को लखनऊ में अधिकारियों के बीच घोटाले और कार्रवाई को लेकर बात हुई तो जानकारी लीक होकर शाहजहांपुर आने के बाद घोटालेबाजों तक पहुंच गई। घोटाला करने वालोवं को चेताया गया है कि मामला लखनऊ में उठ गया है, इस कारण अब जिले में जांच और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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सूचना पर घोटाले में शामिल लोगों ने एक दूसरे से संपर्क किया और शनिवार शाम को पुवायां क्षेत्र में बैठक कर मामले से निपटने की रणनीति तय करने की बात कही, लेकिन बाद में यह बैठक टल गई। रविवार को भी बैठक नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार घोटाला करने वालों के बीच चर्चा है कि शासन से अगर जांच और कार्रवाई के आदेश हुए तो कई सेंटर प्रभारी और कुछ अधिकारी भी नप जाएंगे। घोटालेबाज किसी बड़े नेता की शरण में जाने के लिए भी सलाह मशविरा कर रहे हैं।
सेंटर इंचार्ज बनाए गए कर्मचारियों का मिल में हंगामा
पुवायां। एक मिल की ओर से गठित समितियों में कर्मचारियों को ही सेंटर इंचार्ज बनवा दिया गया था। समितियों पर सेंटरों पर इंचार्ज बनाए गए मिलकर्मियों ने मिल में जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों ने कहा कि जिस तरह से धान घोटाले में कार्रवाई चल रही है, उसमें सेंटर इंचार्जों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जांच में घोटाले पर यदि उनके खिलाफ कार्रवाई हुई तो वह लोग गांवों में किसानों से पंजीकरण के नाम पर लिए गए कागजातों सहित सारा कच्चा चिट्ठा अधिकारियों को सौंप देंगे। कर्मचारियों को किसी तरह शांत किया गया।
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