फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अष्टमी पर नहीं हो सका कन्या पूजन, देवी मां की हुई आराधना

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। चैत्र नवरात्र के आठवें दिन श्रद्घालुओं ने घरों में देवी मां के महागौरी स्वरूप की पूजा अर्चना कर सुख समृद्घि के लिए कामना की। लॉक डाउन की वजह से जहां मंदिरों के कपाट बंद रहे, वहीं इस बार कन्या पूजन भी नहीं हुआ।
विज्ञापन

अष्टमी पर देवी मां के महागौरी स्वरूप की आराधना होती है। देवी मां का पूजन-अर्चना के बाद कन्या भोज कराने का विधान है। श्रद्घालु हमेशा से इसका पालन करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस की वजह से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसके चलते नवरात्र पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने घर में ही देवी मां का पूजन किया और परिवार में मौजूद छोटी-छोटी कन्याओं को भोज कराकर परंपरा निभाई। मोहल्ले से एक भी कन्या को न्यौता नहीं दिया गया और लोगों ने भी एक-दूसरे के घर कन्याएं नहीं भेजी। श्रद्घालुओं ने बताया कि बेटियों का पूजन कर देवी मां से महामारी को खत्म करने की प्रार्थना की गई, वह पूरे विश्व की रक्षा करेंगी।
उधर, बाबा विश्वनाथ, फूलमती देवी, दुर्गा माता मंदिर समेत लगभग सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। पुजारियों ने ही मंदिर में देवी पूजन किया। इस बीच हवन-पूजन में भी चंद लोग ही पूर्णाहुति देने के लिए शामिल हुए और कोरोना वायरस से विश्व, देश, प्रदेश और शहरवासियों को मुक्ति की कामना की गई।
विज्ञापन

हवन-पूजन के लिए नहीं मिली सामग्री
अष्टमी पर देवी पूजन के साथ ही घरों में हवन भी हुए। इसके लिए हवन-सामग्री, लकड़ी और फल-फूल मिलना भी मुश्किल हो गया। कई लोग हवन के लिए लकड़ी लेने मंडी पहुंचे, लेकिन कहीं नहीं मिली। पान की दुकानें भी बंद थी। निराश होकर उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
आज होगा नवमी पूजन
गुरुवार को नवमी पर मां के नौंवे स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाएगी। नवमी के अवसर पर घरों में यज्ञ के आयोजन की तैयारियां भी चल रही हैं। इस बार मंदिर में विशाल भंडारे के आयोजन को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही चैत्र नवरात्र का समापन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें