बेमौसम की बरसात से फसलों का नुकसान उठाने वाले किसानों को अभी तक मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं होने के विरोध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता सोमवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कलक्ट्रेट पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करके अफसरों का ध्यानाकर्षण किया। इस मौके पर उन्होंने राज्यपाल के नाम एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय को ज्ञापन देकर फसली नुकसान का आकलन निष्पक्षता से कराने और किसानों से विभिन्न मदों में राजस्व की वसूली रोके जाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष फिरासत अली खां ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश से फसलें तबाह होने पर किसान सरकारी मदद की आस लगाए हैं। एक ओर शासन केनिर्देश पर आसपास के कई जनपदों में किसानों केबीच राहत राशि बांटी जाने लगी, वहीं जिला प्रशासन फसली सर्वे में नुकसान कम करके आंक रहा है। राजस्व कर्मचारियों की मनमानी से फसलों का सर्वे भी कायदे से नहीं हो पाया।
प्रदर्शन में शामिल शहर अध्यक्ष तसलीम लगारी, आरिफ हुसैन, गज्जू शाह, मुबश्शिर खां, इमरान, हनीफ खां आदि ने बरसात के कारण गेहूं, आलू, सरसों, मटर आदि फसलों का नुकसान उठाने वाले किसानों को तत्काल आर्थिक राहत देकर उनसे सभी मदों में सरकारी बकाय की वसूली रोकने, खेत को इकाई मानकर फसली नुकसान का सर्वे कराने और सर्वे में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में इन्हीं मांगों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है।