मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी सियाराम गुप्ता कपड़े की फेरी लगाते हैं। उनका छोटा बेटा अंकुल चावल की फेरी लगाता था। रोजा क्षेत्र के गांव चीतेपुर में रहने वाले सियाराम के साले रामकुमार के बेटे सूरज की खुटार बारात गई थी। सियाराम और उनका दूसरा बेटा गौरव बारात में गया था, जबकि अंकुल अपनी मां कांती देवी के साथ चीतेपुर गया था। बारात को खुटार विदा करने के बाद अंकुल घर चला आया। रविवार की सुबह करीब पांच बजे सियाराम घर वापस आए तो मकान के मुख्य दरवाजे में अंदर से कुंडी लगी हुई थी। काफी खटखटाने के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसी की मदद से दरवाजे की कुंडी तोड़ी और घर में दाखिल हुए। मकान के अंदर कमरे का दरवाजा भी बंद था। कमरे का दरवाजा भी सियाराम ने काफी देर तक खटखटाया, लेकिन नहीं खुला। कमरे में लगी खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अंकुल का शव पंखे से लटका हुआ था। उन्होंने मोहल्ले वालों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंकुल को फंासी के फंदे से उतारा और तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने अंकुल को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया।
खुशी का माहौल बदला मातम में
अंकुल की मौत की खबर सुनकर चीतेपुर में उसके मामा के घर में मातम छा गया। खुटार से बारात जल्दी-जल्दी विदा होकर आ गई। घटना की सूचना पर अंकुल की मां कांती देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता सियाराम बेटे की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। अंकुल के दो भाई अमित और अर्जुन दिल्ली में कबाड़ का काम करते हैं, जबकि एक भाई सौरव गुजरात में प्राइवेट नौकरी करता है।
प्रेम प्रसंग में धोखा मिलने की चर्चा
मोहल्ले में चर्चा है कि अंकुल के किसी लड़की से प्रेम संबंध थे। रात में उस लड़की से अंकुल की फोन पर बातचीत हुई। बताया जाता है कि उस लड़की ने कुछ ऐसी बात कह दी जो अंकुल को बुरी लग गई और उसे आत्महत्या करने का फैसला कर लिया।
मृतक के परिवार वाले कुछ बताने को तैयार नहीं है। मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। इसके बाद ही आत्महत्या के कारणों का पता लग सकेगा।
- केके तिवारी, कोतवाली प्रभारी