मांस से भरी एक डीसीएम को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पकड़ कर रोजा पुलिस के हवाले कर दिया। कार्यकर्ता पकड़ी गई डीसीएम में गोवंशीय पशुओं का मांस होने के संदेह में मांस का परीक्षण कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस की हीलाहवाली से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने रोजा थाने में जमकर हंगामा किया। बाद में पशु चिकित्सक ने परीक्षण कर पकड़े गए मांस को भेड़, बकरे बताया लेकिन कार्यकर्ता चिकित्सक की रिपोर्ट से संतुष्टट नहीं हुए। वे डॉक्टरों के पैनल से मांस का परीक्षण कराने की जिद पर अड़े हुए थे।
जानकारी के अनुसार बजरंग दल के देवेश और विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री राजेश अवस्थी की अगुवाई में करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने शुक्त्रस्वार सुबह जमुका-शाहजहांपुर लिंक मार्ग पर एक डीसीएम पकड़ ली। इसमें मांस भरा हुआ था। डीसीएम को रोकते ही ड्राइवर उतरकर भाग गया। हिंदू संगठनों की सूचना पर रोजा के कार्यवाहक थाना प्रभारी विरजाराम मौके पर पहुंच गए और डीसीएम को कब्जे में लेकर थाने ले आए। डीसीएम की तिरपाल हटाई गई तो उसमें छोटे पशुओं के कटे सिर के अलावा मांस लदा पाया गया। इस पर पुलिस ने कोई भी कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर दिए।
पुलिस के कार्रवाई करने में हीलाहवाली करने से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने रोजा थाने के गेट पर जमकर हंगामा काटा। इसकी खबर मिलने पर प्रशासन ने पशु चिकित्साध्किारी डॉ. आदित्य गोयल को मांस का परीक्षण करने रोजा थाने भेजा। परीक्षण में मांस भेड़, बकरे का पाया गया। कार्यकर्ता डॉॉ. गोयल की परीक्षण रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। वे डॉक्टरों के पैनल से मांस का परीक्षण कराने की मांग कर रहे थे।
देर शाम तक मामला नहीं निपट सका था। कार्यकर्ता राजेश अवस्थी और देवेश कुमार की अगुवाई में डीएम से शिकायत करने चले गए। फिलहाल रोजा पुलिस परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कोई जुर्म न होने की बात कह रही है। साथ ही हिंदू संगठनों के लोगों से तहरीर मांग रही है ताकि मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा सके लेकिन किसी भी पदाधिकारी ने कोई तहरीर नहीं दी है। मांस से लदी डीसीएम पुलिस के कब्जे में है।
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा पकड़ी गई डीसीएम में भेड़, बकरों का मांस मिला है। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि संगठन के लोग संतुष्ट नहीं हैं तो पुलिस को तहरीर दे दें। पुलिस उस पर रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई करेगी।
- विरजाराम, कार्यवाहक प्रभारी, थाना रोजा।