आधा घंटा स्टेशन पर खड़ी रही डुप्लीकेट एक्सप्रेस
जालंधर से पति के साथ अपने घर जा रही थी बिहार
रास्ते में प्रसव पीड़ा हुई तेज तो महिलाओं ने संभाला
अमृतसर से हावड़ा जाने वाली डुप्लीकेट एक्सप्रेस ट्रेन के महिला कोच में बिहार की एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान ट्रेन रेलवे स्टेशन पर आधा घंटा रुकी रही। महिला को नवजात के साथ ट्रेन से उतारने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। इसके बाद ही ट्रेन रवाना की गई।
बिहार के जिला नालंदा के मछलदिना गांव निवासी सरवन कुमार मांझी जालंधर मेें एक ईट भट्ठे पर मेहनत मजदूरी करता है। उसकी पत्नी रूना नौ माह के गर्भ से थी। उसने घर जाने के लिए मालिक से कई बार छुट्टी के लिए कहा, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली। बमुश्किल उसे मंगलवार को छुट्टी दी गई। वह डुप्लीकेट ट्रेन से पत्नी को लेकर महिला बोगी में सवार हो गया। रास्ते में पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो टीटी को बताया, लेकिन उसे शाहजहांपुर पहुंचकर मेडिकल रिलीफ दिलाने को कहा गया। ट्रेन बुधवार सुबह लगभग आठ बजे तिलहर और शाहजहांपुर के बीच थी, तभी उसे फिर से प्रसव पीड़ा होने लगी। जैसे ही ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर आकर रुकी, तभी रूना को प्रसव पीड़ा बढ़ गई। बोगी में सवार महिलाओं ने उसे संभाला। इस दौरान उसने एक बच्ची का जन्म दिया। तब तक जीआरपी और आरपीएफ के लोग पहुंच गए और उसे ट्रेन से उतारकर स्ट्रेचर पर लिटाया। फिर 108 एंबुलेंस से उसे जिला महिला अस्पताल भेजकर भर्ती कराया गया, जहां बताया गया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रसव के दौरान डुप्लीकेट ट्रेन को आधा घंटा रोकना पड़ा। महिला को जिला अस्पताल भेजने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया गया।