शनिवार को नगर के उत्तर पश्चिम में रेलवे लाइन के निकट स्थित गांव हाजीपुर में जंगली सुअर ने ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। खेत में घास छील रही महिला को सुअर ने मार डाला, जबकि सड़क पर साइकिल से गुजर रहे नगर के मोहल्ला सितारगंज निवासी लताफत अली को गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर शराबा सुनकर सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडा और भाला-कांता लेकर इकट्ठे हो गए। उन्होंने सुअर को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह महिला रामकली को मौत के घाट उतारने के बाद ही वहां से हटा।
ग्रामीणों ने सुअर की घेराबंदी की तो उसने साइकिल से जा रहे लताफत पर हमला बोल दिया। उन्हें बुरी तरह घायल करने के बाद आगे बढ़ गया। आधे घंटा तक लगभग दो किलोमीटर के क्षेत्र में सुअर ने खूब आतंक मचाया। उसने खेतों में काम कर रहे कई लोगों को घायल कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने घेरकर सुअर को मार डाला।
पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
सुअर के हमले से बदहवास सुरेंद्र ने जब देखा कि ग्रामीणों के ललकारने के बाद भी सुअर ने रामकली का पेट फाड़ डाला। ग्रामीणों ने भगाने की कोशिश की तो वह सुरेंद्र के पीछे पड़ गया तो उन्होंने पेड़ पर चढ़कर जान बचाई।
ढाई घंटे तक नहीं पहुची एंबुलेंस
लगभग पौने आठ बजे जंगली सुअर के हमले में घायल लताफत सड़क किनारे पेड़ के नीचे पड़े इलाज की बाट जोहते रहे, लेकिन ग्रामीणों की सूचना देने के बावजूद 108 एंबुलेंस सेवा नहीं पहुंची। लताफत की हालत ज्यादा बिगड़ी तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर कटरा से पुलिस ने प्राइवेट एंबुलेंस मंगाकर लताफत को इलाज के लिए बरेली भेजा।
देर शाम तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची
घटना के तुरंत बाद ही वन क्षेत्राधिकारी रामानुज त्रिपाठी को सूचना दे दी गई थी, लेकिन देर शाम तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसे लेकर गांव वालों में नाराजगी है।