दो बेटों के साथ आत्मदाह करने वाली महिला नीलम के भाई हरिश्चंद्र उर्फ सुआलाल ने बताया कि वे लोग
शनिवार सुबह करीब आठ बजे पेहना पहुंचे थे। वहां पर गांव वालों के साथ ही पुलिस भी पहुंच चुकी थी, लेकिन कमरे के अंदर उसकी बहन और दोनों भांजें अंदर जल रहे थे। सुआलाल के मुताबिक जैसे ही उन्होंने गेट में हाथ लगाया, वैसे ही गेट तुरंत खुल गया। सुआलाल ने कहा कि कहा उनकी बहन ने आग लगाई थी तो उसी वक्त घरवालों, मोहल्ले वालों और गांव वालों को गेट खोलकर आग बुझाना चाहिए था, लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। सुआलाल का आरोप था कि उसकी बहन और दोनों भांजों को कमरे में चारपाई से बांधकर जला दिया गया और बाद में उसकी सूचना दी गई। सुआलाल के मुताबिक घरवालों ने आग से जलाकर बाद में गेट को मिलाकर बंद कर दिया। कहा कि यदि अंदर से गेट लगाया जाता तो वह एकदम से नहीं खुल जाता। कहा कि यदि वह कुछ लेट हो जाते तो उनको बहन और भांजे का शव भी नहीं मिलता। सब राख हो जाता।
नीलम की कभी सुध नहीं लेते थे राघवेंद्र
मृतक के भाई मनोज ने कहा कि बहन की ससुराल वाले उसे बहुत प्रताड़ित करते थे। उसकी उदासी देखकर कई बार पूछा तो बस इतना कहती थी कि 'भइया वो हमारी सुध नहीं लेते हैंÓ। बहन गांव में अपने ससुर के साथ रहती थी, जबकि बहनोई राघवेंद्र और उनकी मां दिल्ली में साथ
रहते थे। वह कई बार पति से साथ रखने के लिए भी कहती थी तो उसकी सास और अन्य घरवाले मना कर देते थे।
जलने से हुई तीनों की मौत
नीलम, उसके बेटे सूर्य प्रताप और अजय के शवों का पोस्टमार्टम रविवार को किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी तीनों की मौत जलने की वजह से बताई गई है। गांव पेहना के प्रधान रामवीर सिंह के अनुसार देर शाम तीनो का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर एसओ ने पूछने पर बताया कि उक्त मामले के पांच आरोपियो में से अभी कोई पकड़ा नहीं गया है।
दोनों पक्षों में हुआ गालीगलौज
बुधवाना। थाना मदनापुर क्षेत्र गांव पेहना में नीलम के मायके वाले करीब चार असलाहधारी लोगों को लेकर करीब 12 लोग गांव में पहुंचे। घरवालों के न मिलने पर नीलम के मायके पक्ष के लोगों ने उन लोगों को गालीगलौज किया। ग्राम प्रधान रामवीर सिंह के मुताबिक जब उन लोगों ने घरवालों सहित अन्य गांव वालों के साथ गालीगलौज किया, तो उन
लोगों ने इसका विरोध किया। साथ ही प्रधान ने बरुआ चौकी प्रभारी नरेश सिंह चौहान को बुला लिया। चौहान ने मौके
पर पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत किया। वहीं चौकी प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्षों के लोगों में
गालीगलौज हुआ था, जिसे समझाते हुए रफा-दफा कर दिया।