मकसूदापुर के बजाज स्कूल की जिस बस से छात्र की गिरकर मौत हुई थी, वह हत्यारी बस प्रदेश में आखिर कहां पर रजिस्टर्ड है? इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं हो सकी है। एआरटीओ प्रशासन इस बस का रजिस्ट्रेशन जिले में होने से इंकार कर रहे हैं।
शुक्रवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) एके मिश्रा इस मामले की जांच करने के लिए बिलसंडा थाने गए थे। वहां पर उन्होंने बस का नंबर देखा तो यूए 04-1477 अंकित था। इस बस के मालिक के संबंध में जानकारी की गई तो जिले में इसका रजिस्ट्रेशन ही नहीं निकला। इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिस बस के संबंध में जानकारी हुई थी उसका नंबर यूए 04ए-1477 था। इस बस के मालिक का नाम कैलाश मैनाली पुत्र भूपल मैनाली था। वाहन के नंबर में ए की मिस्टेक होने की वजह ही दूसरे वाहन का नाम उजागर हो गया था।
हादसे के बाद भी नहीं चेता परिवहन विभाग
शाहजहांपुर। मकसूदापुर बंडा क्षेत्र के बजाज पब्लिक स्कूल की बस से इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद परिवहन विभाग नहीं चेता। शुक्रवार को शहर में धड़ल्ले से बसों का संचालन किया गया। इनमें बसों का तो छोड़िए, स्कूली वैन और थ्री-व्हीलर सेे भी बच्चों को ढोया गया। तिराहा चौराहा पर मौजूद रहने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोकने की जरूरत नहीं समझी।
जिले में सीबीएसई, आईसीएससी, बेसिक शिक्षा और यूपी बोर्ड से संचालित हो रहे हजारों विद्यालयों में कई हजार स्कूली वाहनों का संचालन किया जा रहा है। खास बात यह है कि जिले में केवल 120 वाहन स्कूली वाहन के नाम पर संचालित हो रहे हैं। इसमें 75 बसें 25 सीटर से अधिक और 45 वाहन इससे कम सीटों के शामिल हैं। जिले में स्कूली वैन संचालित होने के बावजूद इन पर एआरटीओ की ओर से कोई खास कार्रवाई हाल में नहीं की गई।
मकसूदापुर बंडा क्षेत्र के बजाज स्कूल की बस से हादसा होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब ऐसे वाहनों पर लगाम लगेगा, लेकिन शुक्रवार को जिले में ऐसे खटारा वाहनों और मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
‘बजाज स्कूल में जांच करने के लिए गया था। शुक्रवार को मानक पूरा न करने वाला कोई वाहन सड़क पर नजर नहीं आया। इस वजह से कार्रवाई नहीं की गई। वहीं फिटनेस न लेने वाले दो मैजिक वाहनों का चालान कर दिया था।’
- एके मिश्रा, एआरटीओ (प्रवर्तन)
रिप्लेसमेंट में भेजी थी हत्यारी बस
शाहजहांपुर। हत्यारी खटारा बस को ट्रांसपोटर्स ने रिप्लेसमेंट में भेजा गया था। बस की खराब हालत को देखते हुए स्कूल प्रबंधन को इसे बच्चों को लाने और ले जाने में नहीं लगाना चाहिए था। इसमें विद्यालय प्रबंधन भी काफी हद तक दोषी है।
इस मामले की जांच करने के लिए मकसूदापुर बंडा में गए एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्रा ने बताया दुर्घटना होने वाली बस को रिप्लेसमेंट में भेजा गया था। चीनी मिल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने कहा कि बरेली के दिशा ट्रांसपोटर्स के यहां से दो बसों का कांट्रेक्ट था। इसमें एक बस खराब होने की वजह से दुर्घटना होने वाली खटारा बस को भेजा गया था। इसी वजह से इतनी बड़ी दुर्घटना हो गई। मिश्रा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन भी इस घटना के लिए दोषी है, क्योंकि बस को स्कूल में संचालित करने से पहले उन लोगों को चेक करनी चाहिए थी। कहा कि बस में फर्श का एक बड़ा हिस्सा गायब था, जिसमें बच्चे को तो छोड़िए कोई जवान व्यक्ति भी गिर सकता था। इसके बावजूद भी स्कूल प्रबंधन ने ऐसी बस को नहीं लगाना चाहिए था।