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खुद की बताकर बेच दी वक्फ की भूमि, गिरफ्तार

Fri, 03 Jul 2015 11:29 PM IST
शाहजहांपुर।
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 कचहरी स्थित पेट्रोल पंप के पीछे स्थित सईदिया वक्फ की खाली पड़ी बेशकीमती जमीन को अपनी मिल्कियत बताकर कुछ लोगों ने उसका अवैध बैनामा अन्य लोगों के पक्ष में कर दिया। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर सदर पुलिस ने एक आरोपी को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट की कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने पर गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दो अन्य अभियुक्तों के फरार होने पर सीजेएम कोर्ट ने उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया है।
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इस तरह हुई वक्फ संपत्ति हड़पने की साजिश
कचहरी के पास वक्फ की जिस जमीन की सौदेबाजी हुई, वह वक्फ बोर्ड में सईदिया वक्फ की संपत्ति के तौर पर दर्ज है। इस जमीन के मुतवल्ली रहे शहर के मोहल्ला रंगीन चौपाल निवासी इशरत जमीर खां को यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भ्रष्टाचार और संपत्ति खुर्द-बुर्द करने के आरोप में छह अक्तूबर, 2005 को पदमुक्त कर दिया था। इस बीच, कचहरी में मुंशी का काम करने वाले मोहल्ला अंटा घंटाघर निवासी मोहम्मद कमर ने इशरत जमीर और उनके परिवार के ही रोमिन जमीर से मिलकर वक्फ की जमीन की सौदेबाजी शुरू कर दी।
वक्फ बोर्ड चेयरमैन के निर्देश पर हुई रिपोर्ट
सईदिया वक्फ के वर्तमान अध्यक्ष इमित्याज अली खां ने मामले की शिकायत वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी से की थी। चेयरमैन को भेजे पत्र में इमित्याज अली ने यह भी स्पष्ट किया था कि मो. कमर पुराने कागजातों को पढ़ने और ऐसे दस्तावेजों में हेराफेरी करने में माहिर हैं। उसी ने इशरत और रोमिन से मिलकर करोड़ों की जमीन का बैनामा छह विभिन्न लोगों के हक में कर दिया है। चेयरमैन के आदेश पर इम्तियाज अली खां ने तीनों जालसाजों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत वक्फ एक्ट की धारा 52 के तहत थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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हाईकोर्ट में दायर हुई थी याचिका
एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अनिल कुमार वर्मा की अदालत में चला गया। इस बीच, पुलिस विवेचना सही तरीके से कराने के लिए पिछले साल इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता नजमुल इस्लाम जाफरी ने याचिका दाखिल की थी। इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश रवींद्र सिंह और मो. ताहिर ने पिछले साल दस अक्तूबर को एसपी को सही तरीके से प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शी विवेचना करने का आदेश दिया था।
पुलिस के आरोप पत्रों पर हुई कार्रवाई
मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में आने पर इस केस में पहले एसआई रमेश चंद्र और बाद में उप निरीक्षक धोनी ने विवेचना की। बाद में अभियुक्त रोमिन जमीर को गिरफ्तार कर ईसी कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की। आरोप पत्रों के आधार पर न्यायाधीश वर्मा ने रोमिन जमीर की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। सईदिया वक्फ के अध्यक्ष इमित्याज अली के अनुसार शेष दोनों अभियुक्तों पर गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए पुलिस के जरिए सीजेएम कोर्ट से संपत्ति कुर्क करने का आदेश हासिल किया गया है।
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