पंचायत चुनाव में वोट कटवाने और बढ़वाने को लेकर तहसील दिवस में हुई शिकायत को लेकर रामगंगा और बहगुल नदियों के बीच बसे गांव उइला थाथरमई में जमकर लाठी डंडे चले। जिससे दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों ओर से चार-चार लोगों के विरुद्ध साधारण मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मारपीट की दर्ज रिपोर्ट में चुनावी रंजिश का कहीं जिक्र तक नहीं किया है, जबकि घायल रामसुधार वोट कटवाने और बढ़वाने को लेकर हुई घटना बताता रहा।
रामगंगा के खादर में आज भी लठ का ही कानून है। मामूली सी बात पर लाठी गोली चल जाना आम बात है। मंगलवार को हुए तहसील दिवस में गांव उइला थाथरमई गांव के रामसुधार व मुनेंद्रपाल ने पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने और कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिये थे। शुक्रवार को दोनों पक्ष एक दूसरे पर झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए एक दूसरे पर लाठी डंडे लेकर टूट पड़े। जमकर चले लाठी डंडों में एक पक्ष के रामसुधार और धीरपाल तथा दूसरे पक्ष के मुनेंद्रपाल और मूलचंद्र के सिर में चोटें आने से लहूलुहान हो गए।
खून से लथपथ दोनों पक्ष थाने आए। पुलिस ने घायल रामसुधार की तरफ से मुनेंद्र पाल, प्रतिपाल, जयपाल और मूलचंद्र तथा दूसरे पक्ष के घायल मुनेंद्रपाल की ओर से रामसुधार, धीरपाल, ओमेन्द्र व संजय के विरुद्ध साधारण मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया है।
बता दें कि थाना क्षेत्र के उइला, थाथरमई, संगाहा, चितरऊ, अतरी की मढै़ंया आदि गांव रामगंगा और बहगुल नदियों के बीच में बसे हुए हैं। इन गांवों में पुलिस किसी बड़ी घटना के बाद ही जलालाबाद होकर पहुंचती है। जिससे कटरी के इन गांवों में कानून का नहीं लठ का ही राज चलता है।