पंद्रह दिन से लापता एक ग्रामीण का शव गांव के बाहर गन्ने के खेत में पड़ा पाया गया। पहचान के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम को भिजवाया है। गांव डकना लहिया निवासी 40 वर्षीय भगवानशरण 14 जनवरी की सुबह कहीं काम करने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक वापस नहीं आने पर तलाश की गई लेकिन कोई पता नहीं चल सका। कई दिन तक परिवार के लोग भगवानशरण की तलाश में जुटे रहे, लेकिन पता नहीं चलने पर भाई अशोक कुमार ने 21 जनवरी को खुटार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार को कुछ श्रमिक गांव ढकना लहिया के ही अवधेश कुमार के खेत में गन्ना छीलने गए थे। गन्ने में भगवानशरण का शव देख श्रमिकों ने अवधेश को मामले की जानकारी दी। अवधेश की सूचना पर भगवानशरण के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की। मृतक की पत्नी और तीन बच्चे बिलख पड़े। शव का कुछ हिस्सा जंगली जानवरों ने भी खा लिया था। मृतक के सिर पर चोट के निशान भी मिले हैं। मृतक के भाई अशोक ने किसी रंजिश से तो इंकार किया, लेकिन भाई की हत्या की आशंका जताई है। एसओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मौत का कारण पता चलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।