राजघाट पुलिस चौकी के पास एक छात्रा से छीनाझपटी कर रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। छात्रा को उसके पिता की सुपुर्दगी में देकर घर भेज दिया। पुलिस मामला मोबाइल की छीनाझपटी का बता रही है, वहीं कुछ लोग मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं। युवकों को हिरासत में रखकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना कांट क्षेत्र के एक गांव के प्रधान की भतीजी आर्य महिला डिग्री कालेज में पढ़ती है। बुधवार दोपहर लगभग 2.30 बजे वह शहर कोतवाली क्षेत्र क ी राजघाट पुलिस चौकी के पास पुल की तरफ गली किनारे खड़ी थी। तभी उसके पास दो युवक आए। कुछ देर बात करने के बाद एक युवक ने छात्रा का हाथ पकड़कर और दूसरे युवक ने उसका कंधे पर टंगा बैग अपनी तरफ खींचना शुरू कर दिया। एक युवती से दो युवकों की इस धक्कामुक्की को कुछ दूरी पर खड़ी 100 डायल गाड़ी में बैठे सिपाही देख रहे थे। मामला संदिग्ध जानकर सिपाही पास पहुंचे और तीनों से नाम पता पूछा। तीनों ने ही अपना नाम पता गलत बताया। इस पर 100 डायल गाड़ी तीनों को लेकर कोतवाली पहुंच गई और इंस्पेक्टर केके चौधरी की सुपुर्दगी में दे दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा से युवक मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे थे। वहीं युवकों का कहना है कि छात्रा के पास उसकी बहन का मोबाइल था, वह लोग वही मोबाइल उससे छीन रहे थे। छात्रा को उसके पिता के साथ घर भेज दिया है, पकड़े गए युवकों के बारे में अभी जांच की जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं कुछ लोगों इस मामले को प्रेमप्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं, पुलिस के बुलावे पर थाने आए पिता ने भी अपनी बेटी से कहा कि कालेज से सीधे घर आना चाहिए था। राजघाट चौकी के पास आटो से उतरने का कोई मतलब नहीं है। बेटी को उन्होंने फटकार लगाई और साथ लेकर चले गए।
नाबालिग बहनों के अपहरण में आरोपी सगे भाई गिरफ्तार
शहर कोतवाली इलाके से दिसंबर माह में अपहृत हुईं नाबालिग बहनों के मामले में आरोपी दो भाइयों को कोतवाली पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों बहनों को चार दिन पहले ही बरामद किया जा चुका है। दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में बयान कराने की कार्रवाई में पुलिस जुटी है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। महिला ने बताया कि छह दिसंबर की रात घर में उसकी दो नाबालिग बेटियां परिवार के साथ सो रहीं थीं। रात लगभग एक बजे उसकी बेटियों को मोहल्ला भारद्वाजी निवासी छोटेलाल के पुत्र अमित, सुमित ने मोबाइल पर कॉल करके घर से बुला लिया और उन्हें फुसलाकर अपने साथ लिए गए। आरोप है कि दोनों बहनें इनके कहने पर घर से 67 सौ रुपये, 17 हजार कीमत के सोने के झाले, 11 सौ कीमत की चांदी की पायजेब और सात हजार कीमत का मंगलसूत्र भी ले गईं। पीड़ित ने बताया कि वह शक के आधार पर आरोपियों के घर गई तो पता चला कि दोनों आरोपी युवक गायब हैं। उनके माता-पिता ने तीन-चार दिन में बेटियों को लौटाने की बात कहकर वापस कर दिया और कहा कि पुलिस में शिकायत न करना। पीड़ित ने बताया कि तीन-चार दिन के बाद जब वह फिर आरोपी युवकों के घर गया तो उनके माता-पिता घर में ताला डालकर गायब थे। पीड़ित ने सीओ को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने अमित, सुमित व उसके साथी रमेश उर्फ शीलू, वीरू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दोनों नाबालिग बेटियों को एक जनवरी को बरेली मोड़ से बरामद कर लिया। आरोपी अमित और उसके भाई सुमित को बुधवार सुबह रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग बहनों का मेडिकल कराया गया है। इंस्पेक्टर केके चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के निर्णय के आधार पर ही लड़कियों को सुपुर्दगी में दिया जाएगा। आरोपी दोनों युवकों को जेल भेजा जा रहा है।