रविवार को सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए कस्बा के मोहल्ला नादिरशाह के अकील और इकराम को सोमवार को गमगीन माहौल में सुपर्दे खाक किया गया। मोहल्ले से एक साथ दो दोस्तों के जनाजों को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
बता दें कि मोहल्ला नादिरशाह में रहने वाले मुन्ने कुरैशी का बेटा 29 वर्षीय अकील और 30 वर्षीय इकराम पुत्र हबीब की गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ पशु खरीददारी का धंधा भी करते थे। ज्यादातर समय दोनों एक साथ गुजारते थे। रविवार को इकराम ने जब अकील से अपनी ससुराल जाने का जिक्र किया तो वह भी उसके साथ हो लिया। दोनों को नहीं पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। दोनों एक बाइक पर घर से निकले थे। इकराम अपनी ससुराल शाहजहांपुर के पुत्तूलाल चौराहा पर कुछ देर रुका था। इसके दोनों बाइक से घर लौटने के लिए निकले थे। उन्हें इस बात का इल्म नहीं था कि बीच रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। जब उनकी बाइक तिलहर थाना क्षेत्र में पॉवर हाउस के निकट दौड़ रही थी, तभी सामने से मौत बनकर आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। जब हादसे की खबर दोनों के घरों में पहुंची तो कोहराम मच गया। सोमवार को जब उनके शव घरों को पहुंचे तो उनके घरों से निकल रहीं परिवार वालों की चीखों ने गली से गुजरने वाले हर शख्स को ठिठकने पर मजबूर कर दिया। वहीं जनाजों में शामिल हर व्यक्ति की आंखों से आंसू बह रहे थे।